दिल्ली का जानलेवा प्रदूषण और आँगनवाड़ी केन्द्रों, बच्चों व आँगनवाड़ीकर्मियों के प्रति सरकार की अनदेखी!!
दिल्ली की आँगनवाड़ियों में लाखों बच्चे रोज़ाना जाते हैं लेकिन उनके प्रति सरकार पूरी तरह से आँख मूँद कर बैठी है! वायु प्रदूषण के बढ़ते ही सीएम ऑफ़िस के लिए 5.5 लाख के ‘एयर प्यूरिफ़ायर’ ख़रीद लिये जाते हैं लेकिन आँगनवाड़ियों और स्कूलों को खुला रखकर बच्चों को मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। वायु प्रदूषण की चपेट में सबसे अधिक मेहनतकश आबादी और उनके घरों से आने वाले बच्चे आते हैं क्योंकि न तो उनके लिये एयर प्यूरीफ़ायर है, ना ही वे बेहतर पोषण हासिल कर सकते हैं और बीमार पड़ने पर न उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल पाती है। आँगनवाड़ी में जाने वाले अधिकांश बच्चे मज़दूरों-मेहनतकशों या निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं जिनके लिए उपरोक्त कारणों की वज़ह से इस जानलेवा प्रदूषण से बचने का कोई विकल्प सरकार ने नहीं छोड़ा है! आँगनवाड़ी केन्द्रों, बच्चों व आँगनवाड़ीकर्मियों के प्रति यह लापरवाही एक बार फ़िर भाजपा सरकार के जन-विरोधी, आँगनवाड़ीकर्मी-विरोधी चेहरे को हमारे सामने उजागर करती है।






















