वेनेज़ुएला और ईरान के बाद ट्रम्प-नीत अमेरिकी साम्राज्यवादी कहर का अगला निशाना क्यूबा है!
पश्चिम एशिया में ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका-इज़राइल द्वारा थोपे गये साम्राज्यवादी युद्ध के तेज़ होने के साथ ही अमेरिकी साम्राज्यवादी कैरेबियाई देश क्यूबा पर तेल प्रतिबन्ध लगाकर उसकी अर्थव्यवस्था को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं। 1959 में क्यूबा की क्रान्ति के बाद से ही क्यूबा अमेरिकी साम्राज्यवाद द्वारा लगाये गये कड़े आर्थिक प्रतिबन्धों का सामना करता रहा है, लेकिन तेल पर लगाया गया यह प्रतिबन्ध ख़ास तौर पर घातक है क्योंकि इसने देश की बिजली आपूर्ति को बाधित कर दिया है। बिजली उत्पादन के लिए क्यूबा की काफ़ी निर्भरता तेल आयात पर ही है, इसलिए अमेरिका द्वारा लगाये गये इस तेल प्रतिबन्ध के कारण गम्भीर बिजली संकट पैदा हो गया है, जो क्यूबाई लोगों के जीवन और आजीविका को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। क्यूबा की अर्थव्यवस्था ठप्प पड़ गयी है। आज क्यूबा के भीतर एक गम्भीर मानवीय संकट पैदा हो गया है, जो अमेरिकी साम्राज्यवाद की अमानवीय कार्रवाइयों का ही नतीजा है।























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