“सीज़फ़ायर समझौते” के बावजूद फ़िलिस्तीनियों पर हमले जारी : फ़िलिस्तीनी ज़मीन पर बढ़ती अवैध इज़रायली सेटलरों की संख्या!
“सीज़फ़ायर” और “शान्ति समझौते” जैसी घोषणाएं एक बार फिर साम्राज्यवादी साज़िश साबित हुई है। ज़ायनवादी उपनिवेशवादी सेटलर्स और साम्राज्यवादी अमेरिका दुनियाभर में फ़िलिस्तीनी-मुक्ति के समर्थन में बढ़ते जनान्दोलन से भयाक्रांत थे और इससे निजात पाने के लिए ही उन्होंने “सीज़फ़ायर” की नौटंकी की। यह सच्चाई दिन-ब-दिन हमारे सामने खुलती जा रही है। इज़रायली नेताओं के बयान को ही देख लें तो यह साफ़ ज़ाहिर होता है कि “सीज़फ़ायर” का अर्थ उनके लिए कहीं से भी शान्ति या नरसंहार को रोकना नहीं था बल्कि बिना किसी रुकावट के हमलों को जारी रखना था। इज़रायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-ग्विर का हालिया बयान न सिर्फ़ सेटलर्स की मंशा को नंगे तौर पर उजागर करता है बल्कि ज़ायनवादियों की क्रूरता और अमानवीयता का भी चरम उदाहरण है।























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