क्रान्तिकारी मज़दूर शिक्षणमाला – 33 : मार्क्सवादी राजनीतिक अर्थशास्त्र के सिद्धान्त (खण्ड-2) अध्याय – 6 पूँजी का टर्नओवर (जारी)
स्मिथ के अलावा, क्लासिकीय बुर्जुआ राजनीतिक अर्थशास्त्र के शिखर-पुरुष रिकार्डो से भी चल व अचल पूँजी के अन्तर के सन्दर्भ में गम्भीर ग़लतियाँ हुईं, जिन्हें मार्क्स ने दुरुस्त किया। एक तरफ़ रिकार्डो स्थिर पूँजी के अचल पूँजी वाले तत्वों में केवल मशीनों व श्रम के अन्य उपकरणों को शामिल करते हैं और कच्चे माल को इसमें शामिल नहीं करते, वहीं दूसरी तरफ़ वह चल पूँजी में भी कच्चे मालों को शामिल नहीं करते। नतीजतन, कच्चा माल ही इस विषय में उनकी चर्चा से अन्तर्धान हो जाता है। इसके अलावा, रिकार्डो चल पूँजी में केवल मज़दूरी को शामिल करते हैं और चल पूँजी को परिवर्तनशील पूँजी से गड्ड-मड्ड कर बैठते हैं। नतीजतन यहाँ भी उनके विभाजन से कच्चा माल ग़ायब ही हो जाता है। चूँकि रिकार्डो एकमात्र श्रमशक्ति को चल पूँजी का तत्व बताते हैं और इस प्रकार चल पूँजी को परिवर्तनशील पूँजी के साथ गड्ड-मड्ड करते हैं, इसलिए वे मूल्य व बेशी मूल्य के उत्पादन की प्रक्रिया की भी सही व्याख्या नहीं कर पाते क्योंकि चल पूँजी का रिश्ता केवल इस बात से होता है कि उसके तत्व किस प्रक्रिया में अपने मूल्य को माल में स्थानान्तरित करते हैं, न कि इस बात से कि मूल्य व बेशी मूल्य का उत्पादन कैसे होता है। इस प्रकार रिकार्डो के विमर्श में श्रम का मूल्य उत्पादित करने वाला चरित्र ग़ायब हो जाता है।























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