(मज़दूर बिगुल के अगस्त 2026 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय
स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिर की खोखले दावों, अनगिनत झूठों और बेहिसाब जुमलों की बरसात
अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय
मोदी सरकार की ई-20 नीति के ख़िलाफ़ लोगों का बढ़ता गुस्सा / आशीष
श्रम कानून
मज़दूर अधिकारों की क़ीमत पर ही सही, “उद्योग का भविष्य” चमकते रहना चाहिए!
फासीवाद / साम्प्रदायिकता
बलात्कारियों को संरक्षण देने वाले स्त्रियों को दे रहे “संस्कारी” बनने की सलाह! / अदिति
हॅंगामा है क्यों बरपा, गाली ही तो दी है! / नौरीन
फ़ासीवादी ताक़तों द्वारा इतिहास को विकृत करने का एक और प्रयास / चिरांशु
विशेष लेख / रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी द्वारा एसआईआर और जनगणना को जोड़े जाने का फ़ासीवादी बयान और उसके निहितार्थ / शिशिर गुप्ता
संघर्षरत जनता
सूरत में साप्ताहिक छुट्टी, वेतन बढ़ोत्तरी और आठ घण्टे के काम की माँग को लेकर आन्दोलनरत हैं मज़दूर!
सामयिकी
देश के छात्रों-युवाओं ने किया “महामानव” की महाछवि को चकनाचूर! / भारत
बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका
भाजपा की योगी सरकार द्वारा मालिकों और पूँजीपतियों की सेवा में मेहनतकशों-मज़दूरों पर थोपा गया अमानवीय शोषण, दमन, अन्याय और आतंक का राज / गायत्री भारद्वाज
बुर्जुआ जनवाद – चुनावी नौटंकी
दिल्ली लक्ष्मी योजना: इसका लाभ किसे मिलेगा? / नीशू
शिक्षा और रोजगार
वीबी-ग्रामजी: रोज़गार की गारण्टी या ग्रामीण मज़दूरों के अधिकारों में कटौती
आपदाएं
असम में बाढ़ से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत, लाखों लोग प्रभावित / आनन्द व सनी
बोलते आँकड़े, चीख़ती सच्चाइयाँ
मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में आर्थिक-सामाजिक असमानता की लगातार गहराती खाई / प्रियम्वदा
रेलवे-सम्बन्धी कैग की रिपोर्ट ने खोली पोल: 89 प्रतिशत रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी यात्री सुविधाओं की कमी, सुरक्षा से जुड़े 20,304 काम आज भी अधूरे! / ज्योति
महान जननायक
शहीद राजगुरू के जन्मदिवस 24 अगस्त पर क्रान्तिकारी सलाम
अय्यंकालि के जन्मदिवस पर
औद्योगिक दुर्घटनाएं
चमोली सुरंग हादसा: मुनाफ़े की अँधी हवस ले रही मज़दूरों की जान!
गतिविधि रिपोर्ट
नोएडा मज़दूर आन्दोलन के तहत फ़र्ज़ी मुकदमों में चार महीने से गिरफ़्तार सामाजिक कार्यकर्ताओं व मज़दूरों की रिहाई के लिए देशव्यापी प्रदर्शन!
कला-साहित्य
कविता : लुटेरा और उसका नौकर / बेर्टोल्ट ब्रेष्ट
‘ठिठुरता हुआ गणतंत्र’ – हरिशंकर परसाई
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मज़दूरों के महान नेता लेनिन
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