Table of Contents
(मज़दूर बिगुल के जनवरी 2026 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)
सम्पादकीय
श्रम कानून
फासीवाद / साम्प्रदायिकता
संघर्षरत जनता
आन्दोलन : समीक्षा-समाहार
गिग वर्कर्स की हड़ताल और आगे के संघर्ष का रास्ता / अनन्त
महान शिक्षकों की कलम से
(पिछले कुछ दशकों के दौरान देशभर में मज़दूरों ने कई बार हड़तालें की हैं। जहाँ भी औद्योगिक इलाक़े हैं वहाँ से मज़दूरों की छोटी-बड़ी हड़तालों की ख़बरें आती रहती हैं। मज़दूर अधिकारों पर बढ़ते हमलों के मुक़ाबले मज़दूर स्वतःस्फूर्त ढंग से, यानी बिना किसी योजना व संगठित तैयारी के हड़ताल करते हैं और प्रायः उन्हें पूँजी और सरकार की संगठित ताक़त के सामने हार का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर, विभिन्न चुनावबाज़ पार्टियों से जुड़ी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनें सालाना अनुष्ठान की तरह हर साल एक-दो दिन की हड़तालें करती आ रही हैं लेकिन उनसे मज़दूरों पर होने वाले हमलों पर रत्तीभर भी फ़र्क़ नहीं पड़ा है। इसलिए ज़रूरी है कि मज़दूर अपनी लड़ाई के इस हथियार का सही ढंग से इस्तेमाल करने के बारे में सीखें। इसी उद्देश्य से हम मज़दूर वर्ग के महान क्रान्तिकारी नेता और शिक्षक व्लादीमिर लेनिन का यह लेख इस समय प्रकाशित कर रहे हैं जब नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपने आक़ा पूँजीपति वर्ग की ओर से मज़दूर वर्ग के अधिकारों पर अबतक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया है। – सम्पादक)
विकल्प का खाका
बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका
साम्राज्यवाद / युद्ध / अन्धराष्ट्रवाद
पर्यावरण / विज्ञान
पर्यावरण के नाश के बाबत दो उद्धरण / एंगेल्स, मार्क्स
मुनाफ़ाख़ोर पूँजीवादी व्यवस्था, फ़ासिस्ट सरकार और पानी में फैलता ज़हर / प्रसेन
लेखमाला
बोलते आँकड़े, चीख़ती सच्चाइयाँ
कला-साहित्य
गीत – समर तो शेष है / शशि प्रकाश













Recent Comments