मई दिवस के अवसर पर RWPI द्वारा शाहबाद डेरी, दिल्ली में गली मीटिंग का आयोजन
मई दिवस के हमारे शहीदों ने अपना ख़ून बहाकर ‘आठ घण्टे काम, आठ घण्टे मनोरंजन, आठ घण्टे आराम’ का अधिकार हासिल किया था। लेकिन आज मज़दूर वर्ग के इस अधिकार को फ़ासीवादी मोदी सरकार चार लेबर कोड के ज़रिये ख़त्म कर रही है। जिस तरह से शिकागो के हे मार्केट स्क्वायर में मज़दूरों की सभा में पुलिस और मालिकों के गुण्डों ने ही बम फेंककर सारा इल्ज़ाम मज़दूरों और मज़दूर नेताओं पर डाल दिया था, ठीक उसी पद्धति पर अमल उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और उसकी पुलिस ने मज़दूर आन्दोलन व उसके एक्टिविस्टों के साथ किया है। नोएडा में तीन दिन से मज़दूर शान्तिपूर्वक हड़ताल कर रहे थे। मालिक और सरकार तरह-तरह से इस हड़ताल को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन हर बार उनके हाथ नाकामयाबी ही लग रही थी। अब तमाम अख़बारी रपटों व सबूतों के सामने आने से साफ़ प्रतीत हो रहा है कि मज़दूरों की शान्तिपूर्वक हड़ताल से बौखलाकर मालिकों और सरकार ने आन्दोलन का दमन किया।



















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