दिल्ली में हर साल प्रदूषण से हो रही हैं 17 हज़ार मौतें!! प्रदूषण प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि मुनाफ़े की व्यवस्था से पैदा हुआ संकट है!
देश की राजधानी दिल्ली में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण अब प्रदूषण बन गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली में पिछले कुछ सालों में किसी भी अन्य बीमारी से उतनी मौतें नहीं हुई जितनी प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के कारण हो रही हैं। दिल्ली एनसीआर की हवा की गुणवत्ता बेहद चिन्ताजनक स्थिति में पहुँच गयी है। यहाँ की हवा में साँस लेने का मतलब ज़हर पीना हो गया है। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण इतना बढ़ जाने का कारण कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है बल्कि इस मौजूदा मुनाफ़े पर टिकी पूँजीवादी व्यवस्था है जिसके चलते दिल्ली और आस-पास रहने वाले लोगों का स्वास्थ्य संकट की स्थिति में आ चुका है। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के क्या क्या कारण है इस पर हम आगे आयेंगे अभी कुछ आँकड़ों के ज़रिये समझने की कोशिश करते हैं कि प्रदूषण के चलते दिल्ली के लोग कैसे धीमी मौत मरने को मजबूर हैं।



















