फ़िलिस्तीन के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों पर केरल सीपीएम सरकार का दमन बदस्तूर जारी!
देश के अन्य राज्यों में सीपीएम और उसके छात्र संगठन व ट्रेड यूनियन चना जोर गरम बाते करते हैं, पर केरल में आते ही इनकी आँखों पर गाँधारी वाली पट्टी बन्ध जाती है। केरल में सीपीएम ने भी अन्य चुनावबाज़ पार्टियों की तरह ही उदारीकरण-निजीकरण की जन-विरोधी नीतियों को धड़ल्ले से लागू किया है और लम्बे समय से सत्ता की मलाई चाट रही है। साथ ही “प्रगतिशीलता का चोला” ओढ़कर इन्होनें आम जनता में भी भ्रम बना कर रखा था, जो अब टूटता जा रहा है। सत्ता बचाने की ख़ातिर अब इनके मुख्यमन्त्री खुलकर खुशी-खुशी मोदी और अडाणी के साथ मंच साझा करते हैं। बीते 2 मई को नरेन्द्र मोदी ने केरल के तिरुवनन्तपुरम में विझिनजाम अन्तर्राष्ट्रीय बन्दरगाह का उद्घाटन किया। इसी कार्यक्रम में केरल के मुख्यमन्त्री पिनाराई विजयन, अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडाणी के साथ मौजूद थे। बता दें कि इसी विझिनजाम अन्तरराष्ट्रीय बन्दरगाह परियोजना के ख़िलाफ़ 2022 में सीपीएम और भाजपा ने मिलकर प्रदर्शन भी किया था। इसमें सीपीएम के ज़िला सचिव अनवूर नागप्पन और भाजपा ज़िलाध्यक्ष वी.वी राजेश ने एक साथ भागीदारी की थी। फ़ासीवाद और सामाजिक-फ़ासीवाद की गलबहियाँ देखते ही बन रही थी!























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