साम्प्रदायिक विरोधी संयुक्त मोर्चे द्वारा फासीवाद के खिलाफ़ ज़ोरदार रोष प्रदर्शन
वक्ताओं ने कहा कि हिन्दु धर्म को खतरा, गाय को खतरा, तथाकथित लव-जेहाद से हिन्दु लडकियों को खतरा, आदि खतरों के हौवे इसलिए खडे किये जा रहे हैं क्योंकि हुक्मरानों को जनाक्रोश से खतरा है। मुट्ठीभर धनाढ्य वर्गों को महँगाई, बेरोजगारी, गरीबी, बदहाली से त्रस्त देश की 85 प्रतिशत आबादी से खतरा है। हुक्मरानों को लोगों की हक, सच, इंसाफ की आवाज उठाने, संगठित होने, संघर्ष करने, लिखने, बोलने, विचार व्यक्त करने के जनवादी अधिकारों से खतरा है। हुक्मरानों को देशी-विदेशी पूँजीपतियों के पक्ष में लागू की जा रही निजीकरण-उदारीकरण की नीतियों के खिलाफ़, सरकारों द्वारा श्रमिक अधिकारों के हनन, जबरन जमीनें हथियाने आदि के खिलाफ़ लोगों के आगे बढ़ रहे संघर्षों से खतरा है।




















