इलाहाबाद में मुनाफ़ाखोरी की भेंट चढ़ी मेहनतकशों की ज़िन्दगियाँ
भारत में हर दिन औसतन 10 इमारतें गिर जाती हैं। इन घटनाओं में औसतन 7 लोग रोज़ाना मौत के मुँह में समा जाते हैं। हर साल केवल इमारतों के गिरने से 2700 लोग जान गँवा देते हैं। नेताओं-ठेकेदारों-नौकरशाहों का नापाक गठजोड़ हर रोज देश में दर्जनों मेहनतकशों की मौत का कारण बन रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही मध्यप्रदेश में नकली कफ सीरप पीने से 20 से ज़्यादा बच्चों की मौत हो गई। भारत के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 25 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई। अपराधियों को बचाने के लिए बिना पोस्टमार्टम किये कई शवों का अन्तिम संस्कार कर दिया। जिन लोगों का पोस्टमार्टम हुआ उनकी मौत का कारण पानी के जहरीले होने का तथ्य स्पष्ट हो गया। सरकारी रिकॉर्ड में सिर्फ 4 मौतें दर्ज की गयीं। अब यही खेल इलाहाबाद की इस घटना में भी खेला जा रहा है।

















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