कुलदीप सिंह सेंगर को ज़मानत : न्यायपालिका में फ़ासिस्ट घुसपैठ और भाजपा राज में बलात्कारियों व अपराधियों को सत्ता के संरक्षण का एक और उदाहरण
न्यायपालिका में फ़ासीवादी घुसपैठ के कारण बलात्कारियों को शह और संरक्षण मिल रहा है। इस कारण उनका मनोबल भी बढ़ रहा है और स्त्री-विरोधी अपराध भी। NCRB के आँकड़ों के अनुसार जहाँ साल 2020 में 49,385 बलात्कार दर्ज हुए थे वहीं साल 2022 में स्त्री-उत्पीड़न की घटनाएँ बढ़कर 65,743 हो गयी। इसके विपरीत बलात्कार की घटनाओं में सज़ा मिलने की दर में कमी आयी है। साल 2021 में 25.2% मामलों में सज़ा हुई तो वहीं साल 2022 में 23.2% मामलों में ही सज़ा हुई।
















