बिगुल पॉडकास्ट – 8 – 12 फ़रवरी की “हड़ताल” से मज़दूरों को क्या हासिल हुआ ?
आठवें पॉडकास्ट में हम मज़दूर बिगुल के फरवरी 2026 संपादकीय लेख को पेश कर रहे हैं। शीर्षक है – “12 फ़रवरी की “हड़ताल” से मज़दूरों को क्या हासिल हुआ ?”
आठवें पॉडकास्ट में हम मज़दूर बिगुल के फरवरी 2026 संपादकीय लेख को पेश कर रहे हैं। शीर्षक है – “12 फ़रवरी की “हड़ताल” से मज़दूरों को क्या हासिल हुआ ?”
सातवें पॉडकास्ट में हम मज़दूर बिगुल के संपादकीय लेख को पेश कर रहे हैं। शीर्षक है – “‘चार लेबर कोड’ मज़दूरों-कर्मचारियों के अधिकारों पर सबसे बड़ा हमला है! अब एकदिवसीय हड़तालों की रस्मअदायगी का वक़्त नहीं रहा!”
छठे पॉडकास्ट में हम मज़दूर बिगुल के संपादकीय लेख को पेश कर रहे हैं। शीर्षक है – “मोदी सरकार की फ़ासीवादी श्रम संहिताओं के विरुद्ध तत्काल लम्बे संघर्ष की तैयारी करनी होगी”
मोदी सरकार का महाघोटाला : इलेक्टोरल बॉण्ड घोटाला, इलेक्टोरल बॉण्ड के ज़रिये पूँजीपतियों से चन्दे वसूलकर बदले में उन्हें लाखों करोड़ का मुनाफ़ा पहुँचाने का कुत्सित फ़ासीवादी षड्यंत्र : चन्दा दो, मुनाफ़ा लो!
चौथे पॉडकास्ट में हम मज़दूर बिगुल के मई 2023 अंक में प्रकाशित गायत्री भारद्वाज के एक बेहद जरूरी लेख को पेश कर रहे हैं। शीर्षक है – “भाजपा के ‘लव जिहाद’ की नौटंकी की सच्चाई”
तीसरे पॉडकास्ट में हम मज़दूर बिगुल के अप्रैल 2023 अंक में प्रकाशित गायत्री भारद्वाज के एक बेहद जरूरी लेख को पेश कर रहे हैं। शीर्षक है – “भाजपा और संघ परिवार के गाय-प्रेम और गोरक्षा के बारे में सोचने के लिए कुछ सवाल”
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ज्ञानवापी मस्जिद के मुद्दे पर जारी की गयी सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भारत की क्रांतिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) का बयान
बिगुल पॉडकास्ट – 1 – इस पॉडकास्ट की शुरुआत हम बिगुल के जनवरी 2024 अंक के संपादकीय “महँगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टचार पर काबू पाने में नाकाम मोदी सरकार राम मन्दिर के ज़रिये साम्प्रदायिक लहर पर हो फ़िर सत्ता पाने की फ़िराक़ में” लेख के साथ कर रहे हैं।