(मज़दूर बिगुल के नवम्बर 2025 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

 

सम्पादकीय

बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा गठबन्धन की अभूतपूर्व विजय और हमारे कार्यभार

श्रम कानून

करोड़ों मज़दूरों-कर्मचारियों पर क़हर बरपाने वाले चार लेबर कोड लागू हुए! इन काले क़ानूनों के खिलाफ़ मज़दूर वर्ग को लम्बी व जुझारू लड़ाई की तैयारी करनी होगी! / भारत

उत्तर प्रदेश औद्योगिक संशोधन क़ानून : मुँह में राम बगल में छुरी / प्रसेन

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का वहशी चेहरा एक बार फिर बेनक़ाब / अंजलि

विरासत

सोवियत संघ में समाजवाद की युगान्तरकारी उपलब्धियाँ / शशि प्रकाश

बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका

“माओवाद” से लड़ने के नाम पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम आदिवासियों की न्यायेतर हत्याएँ बन्द करो / भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI)

बुर्जुआ जनवाद – चुनावी नौटंकी

वोटचोरी : फ़ासीवाद की प्रयोगशाला से निकला सत्ता हथियाने का नया हथकण्डा! / विवेक

शिक्षा और रोजगार

शिक्षा के निजीकरण की भेंट चढ़ गया यूपी के छात्र उज्जवल का जीवन / बिगुल संवाददाता

पर्यावरण / विज्ञान

दिल्ली में हर साल प्रदूषण से हो रही हैं 17 हज़ार मौतें!! प्रदूषण प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि मुनाफ़े की व्यवस्था से पैदा हुआ संकट है! / योगेश

दिल्ली का जानलेवा प्रदूषण और आँगनवाड़ी केन्द्रों, बच्चों व आँगनवाड़ीकर्मियों के प्रति सरकार की अनदेखी!! / दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स यूनियन (DSAWHU)

लेखमाला

क्रान्तिकारी मज़दूर शिक्षणमाला – 30 : मार्क्सवादी राजनीतिक अर्थशास्त्र के सिद्धान्त : खण्ड-2 अध्याय – 4 औद्योगिक पूँजी के परिपथ की सम्पूर्ण गति / अभिनव

आपस की बात

आपस की बात – दिहाड़ी मज़दूरों की जिन्दगी!