देश के छात्रों-युवाओं ने किया “महामानव” की महाछवि को चकनाचूर!
मोदीजी की “महामानव” छवि को जेन-ज़ी आन्दोलन द्वारा चकनाचूर और ध्वस्त कर दिया गया है। यही वजह है कि भाजपा इस वक़्त पूरी तरह बौखलायी हुई है। इसलिए ही तो मोदी सरकार व अन्य राज्य भाजपा सरकारों की पुलिस देश के 15 से 25 साल के नौजवानों के पीछे पड़ी है कि उसने ‘फ्यूहरर’ का अपमान कैसे कर दिया? उनकी असंसदीय भाषा को बड़ा मसला बनाया जा रहा है। सारा मामला ही भाषाई शुचिता पर स्थानान्तरित करके भाजपा सरकार और संघ परिवार आन्दोलनरत युवाओं को ही दोषी ठहराने में लग गये हैं, उन्हें मर्डर और रेप तक की ऑनलाइन धमकियाँ दिलवायी जा रही हैं, उन्हें आतंकित करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हमारे देश के प्राचीन ग्रन्थों में ही एक उक्ति है : विनाश काले, विपरीत बुद्धि। जितना अधिक मौजूदा फ़ासीवादी सरकार इन चालबाज़ियों और साज़िशों को अंजाम दे रही है, उतना ही इस पीढ़ी के युवाओं का गुस्सा और मोहभंग बढ़ रहा है, उतना ही वह समझती जा रही है कि मौजूदा मोदी सरकार किस क़दर जनविरोधी, छात्र-विरोधी और युवा-विरोधी है, उतना ही उसके अन्दर परिवर्तन की भावना विकसित होती जा रही है और उतना ही उसके अन्दर का डर भी ख़त्म होता जा रहा है। जिस सीमा रेखा पर जनता का डर ख़त्म होता है, वहीं से आततायी सरकारों और हुक्मरानों का डर शुरू होता है। अब वह मंज़िल आ चुकी है।


















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