वीबी-ग्रामजी: रोज़गार की गारण्टी या ग्रामीण मज़दूरों के अधिकारों में कटौती
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में वीबी-ग्रामजी के तहत केवल 7.67 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोज़गार पैदा हुआ, जबकि जुलाई 2025 में मनरेगा के तहत 15.33 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोज़गार मिला था। व्यक्ति-दिवस का मतलब है—एक व्यक्ति को एक दिन का मिला रोज़गार। यानी एक साल में रोज़गार में क़रीब 50 प्रतिशत की भारी गिरावट आयी है। सरकार भले ही नयी योजना को ‘गारण्टी’ और ‘विकास’ के नाम से प्रचारित करे, लेकिन ज़मीन पर सवाल यह है कि जब रोज़गार ही घट रहा है तो यह कैसी रोज़गार गारण्टी है?















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