गीत – रोटी और गुलाब का संघर्ष

यह एक सामूहिक गीत है जिसे 1912 में संयुक्त राज्य अमेरिका की तेईस हजार महिला मजदूरों ने गाया था। ये पच्चीस अलग-अलग राष्ट्रीयताओं की तथा पैंतालीस अलग-अलग भाषाएँ बोलने वाली थीं। इन महिलाओं ने तेजी से बढ़ते हुए वस्त्र उद्योग को तीन महीनों तक (जनवरी–मार्च 1912) एकदम ठप्प कर दिया था। इससे पहले इतिहास में कभी इतनी संख्या में विभिन्न जगहों की महिलाएँ जीवन-निर्वाह से थोड़ी ज्यादा मजदूरी तथा बेहतर जिन्दगी के अधिकार की मांग को लेकर संयुक्त और इतने प्रभावी रूप से किसी हड़ताल में शामिल नहीं हुई थीं।

असंख्य महिलाएँ बनी मृत
जैसे-जैसे हम आ गये कदम से कदम मिला
बढ़ते हुए, बढ़ते हुए
रोटी के लिए उनका प्राचीन गीत हमेशा हम
गाते रहे, गाते रहे
कठोर मेहनत से परि‍श्रान्त उनकी आत्माएँ जानती थीं
थोड़ी-सी कला, थोड़ा-सा प्यार और सुन्दरता
यह रोटी ही है जिसके लिए हम लड़ते हैं,
पर हम लड़ते हैं गुलाब के लिए भी
जी हाँ गुलाब।

हम लायें बेहतर दिन कदम से कदम मिलाकर
बढ़ते हुए, बढ़ते हुए।
महिलाओं के लिए मतलब है उत्थान का
उत्थान सम्पूर्ण महिला जाति का
जहाँ एक को मिलता है, दस रहती हैं वंचित
मेहनत करती हुई, सहमी हुई
दुर्गति सहना अब और नहीं
अब हम बाँटेंगे जिन्दगी के आनन्द
रोटी और गुलाब।

 

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