मज़दूर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ गोरखपुर में प्रदर्शन
मज़दूर कार्यकर्ता साथी रूपेश, आकृति, सृष्टि और मनीषा को तत्काल रिहा करो!
कार्यकर्ताओं को किडनैप करने वाले पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करो!!
वेतन बढ़ोतरी, 8 घण्टे के कार्यदिवस, बेहतर कार्य स्थितियों की मांग को लेकर गुड़गाँव–मानेसर पट्टी, नोएडा समेत देश के विभिन्न हिस्सों में फूट पड़े मज़दूरों के स्वतःस्फूर्त आन्दोलन का समर्थन करने गये बिगुल मज़दूर दस्ता के साथी रूपेश, आकृति, सृष्टि और मनीषा को उत्तर प्रदेश पुलिस ने बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से अगवा कर लिया। अगवा करने के 24 घण्टे से ज़्यादा का वक्त बीत जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं का कुछ अता- पता नहीं है। कार्यकर्ताओं के गैरकानूनी तरीके से अगवा कर बंधक बनाए जाने के ख़िलाफ़ आज बिगुल मज़दूर दस्ता की ओर से गोरखपुर में विरोध प्रदर्शन किया गया। बिगुल के कार्यकर्ताओं ने मांग उठाई कि गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाय, जबरन अगवा करने वाले उत्तर प्रदेश के पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त किया जाय और मज़दूरों के जायज़ मांगों पर तत्काल कार्यवाही किया जाय।
बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश भर में हो रहे मज़दूर आंदोलन ने फ़ासीवाद के असली चेहरे को बेनक़ाब कर दिया है। पूंजीपतियों के इशारे पर उत्तर प्रदेश की फ़ासीवादी योगी सरकार मज़दूर आंदोलन का बर्बर दमन करने पर उतारू है। स्थिति इतनी भयानक है कि आन्दोलन के बाद घर जा रहे साथी रूपेश, आकृति, सृष्टि और मनीषा के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस ने बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे के सामने मारपीट की और जबरन उत्तर प्रदेश पुलिस की गाड़ी में बैठा कर लेकर चली गई। इन्होंने महिला साथियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की और उनको अगवा कर ले गए। 24 घण्टे बीत जाने के बाद भी अभी तक कार्यकर्ताओं को कहांँ रखा गया है नहीं मालूम चल पा रहा है।
देश के सभी इंसाफ़पसन्द नागरिकों से हमारी अपील है कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस के इस कुकृत्य के खिलाफ आगे आयें।



















