ईवीएम में घपले के ख़िलाफ़ भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी (RWPI) का निर्वाचन आयोग पर विरोध प्रदर्शन!
चुनाव के दौरान देश के अनेक स्थानों से ईवीएम मशीनों में हेराफेरी की आ रही ख़बरों और ईवीएम में छेड़छाड़ को लेकर उठाये जा रहे गम्भीर सवालों के मद्देनज़र 22 मई को RWPI के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग के सामने चुनाव में जालसाज़ी के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन किया गया। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर लिया जिन्हें बाद में रिहा किया गया। प्रदर्शन में माँग की गयी कि मतगणना के समय 100% वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाये, अन्यथा 23 मई को घोषित नतीजे महज़ एक ढकोसला होगा। वोट देने का अधिकार जनता का सबसे बुनियादी जनवादी अधिकार है और इस पर फ़ासीवादी भाजपा और उसके प्रचार विभाग बने हुए निर्वाचन आयोग डाका डाल रहे हैं। गुप्त मतदान के ज़रिये प्रतिनिधियों को चुनने की व्यवस्था को ख़त्म करने की साज़िश का मुँहतोड़ जवाब देना ही होगा। केन्द्रीय चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की आपत्तियों को सार्वजनिक करने से इन्कार और दो दिन से स्ट्रॉन्ग रूम के आगे मँडरा रही ईवीएम से भरी गाड़ियाँ ईवीएम के घोटाले की ओर साफ़ इशारा करती हैं और इसे रोकने का फ़िलहाल एकमात्र तरीक़ा वीवीपैट पर्चियों का 100% मिलान करना है। इस प्रदर्शन में सीपीआई-एमएल (एनडी) व मज़दूर किरायेदार पार्टी ने भी शिरकत की।
इसके बाद 30 मई को ईवीएम विरोधी जन आन्दोलन के बैनर तले विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर देश के विभिन्न स्थानों पर साझा विरोध प्रदर्शन भी किये गये।














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