मानेसर की कई फैक्टरियों में मज़दूरों स्वतः स्फूर्त हड़ताल जारी!
मानेसर में मुंजाल शोवा, रिचा, सत्यम जैसी कम्पनियों के बाद आज कई अन्य फैक्टरियों में हड़ताल शुरू हो गयी है। यहाँ लोग न्यूनतम मज़दूरी, ओवरटाइम के डबल रेट से भुगतान और अन्य जायज़ माँगों को लेकर सड़कों पर हैं। लेकिन मज़दूरों की एकता से घबरायी नायब सिंह सैनी की सरकार ने पूँजीपतियों के प्रति अपनी वफ़ादारी दिखाते हुए हरियाणा पुलिस के माध्यम से इसका बर्बर दमन किया है। मानेसर की कई फैक्टरियों के बाहर लाठीचार्ज किया गया है, कई मज़दूरों के सिर फोड़ दिये गये हैं और कई लोगों को डिटेन किया गया है। इन सब के बावजूद मज़दूर अपनी जायज़ माँगों लिए एकजुट हैं, और हड़ताल पर चले गये हैं।
विगत कुछ दिनों की हड़ताल के दबाव के बाद नायब सिंह सैनी की सरकार इस मसले पर संज्ञान लेने को मजबूर हुई, और कल यानी 8 अप्रैल को मज़दूरों की तनख़्वाह बढ़ाने की घोषणा करने के लिए मजबूर हुई। ज़ाहिरा तौर पर यह बढ़ोतरी अपर्याप्त है, और साथ ही अपनी अन्य माँगों को लेकर मज़दूर एकजुट हैं। लेकिन ये बढ़ोतरी भी इस सरकार ने मज़दूरों की हड़ताल के दबाव में आकर की है।
ग़ौरतलब है कि मज़दूरों की हड़ताल के चेन रिएक्शन की तरह फैले जाने से यहाँ का पूँजीपति वर्ग और नयाब सिंह सैनी की सरकार ख़ौफ़ज़दा है, और इसे रोकने के हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन पुलिस के बर्बर दमन के बावजूद यह चिंगारी जंगल की आग की तरह फैल रही है। मज़दूर बिगुल हरियाणा पुलिस द्वारा मज़दूरों के इस दमन का विरोध करता है, और यह माँग करता है कि मज़दूरों पर इस बर्बर दमन को तुरन्त रोक जाये। जिन भी लोगों को हिरासत में लिया गया है उन्हें छोड़ा जाये, और इसके लिए ज़िम्मेदार अफसरों पर तुरन्त कार्यवाही की जाये। साथ ही मज़दूरों की सभी माँगों को कम्पनी मैनेजमेण्ट तुरन्त स्वीकार करे।


















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