आपस की बात
आओ गीत एक गाता हूँ

रामआशीष, लक्ष्मी साइकिल रिम कारख़ाना, बरगदवा, गोरखपुर

आओ गीत एक गाता हूँ
गीत एक सुनाता हूँ
आओ नौजवान साथियों
आओ मिलकर कहें इंकलाब साथियों
अशफ़ाक, बिस्मिल,
भगत का यह सन्देश
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई
सबका यह देश
आओ मिलकर चलें हम सब
गले से गले
आओ मिलकर कहें इंकलाब साथियों
मात ये तेरे सुपुत्र हैं गुलाम
तेरी बहुएँ गुलाम, तेरी बहनें गुलाम
कितने जुल्मों को सहते रहे
और सहेंगे
आ बाजुओं के दम दिखाने चलें
आओ नौजवान साथियों
आओ मिलकर कहें
इंकलाब साथियों।

 

 

मज़दूर बिगुल, फरवरी 2015