अंधेरे के सभी लोगों के लिए सूर्य के फ़ल हों!

पाब्लो नेरुदा

मैं सोचता हूँ जिन्होंने इतने सारे काम किये
उन सबका मालिक भी उन्हीं को होना चाहिए।
और जो रोटी पकाते हैं उन्हें वह खानी भी चाहिए।
और खदान में काम करने वालों को रोशनी चाहिए।
बहुत हो गया अब बेड़ी में बंधो मैले कुचैले लोगो!
बहुत हो गया अब पीले पड़े मृतको!
कोई भी न रहे बगैर राज किये।
एक भी स्‍त्री न हो बगैर मुकुट के।
प्रत्येक हाथ के लिए सोने के दस्ताने हों।
अंधेरे के सभी लोगों के लिए सूर्य के फ़ल हों।
Neruda Surya