एकजुट संघर्ष ही रास्ता है
मेरा नाम रौशन कुमार है। मैं एक बैंक में कार्यरत हूँ। मैं पिछले कई महीनों से मज़दूर बिगुल अख़बार पढ़ता आ रहा हूँ। हालाँकि अब तो मुझे बिगुल अख़बार का बड़ी ही बेसब्री के साथ इन्तज़ार रहता है। इसमें मौजूदा हालात और विभिन्न मसलों पर आने वाला दृष्टिकोण काफ़ी विचारोत्तेजक और आँखें खोलने वाला होता है। सच कहूँ तो मैं शहीद भगतसिंह का दीवाना था और इसी कारण से मैंने उनके विचारों के बारे में और फिर उनके सपने ‘समाजवाद’ के बारे में जानना-पढ़ना शुरू किया था।













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