14 मार्च 2026, शनिवार को सिंगरौली जिले के बंधौरा स्थित अदानी पावर प्लांट में उस समय जबरदस्त हंगामा मच गया, जब सुरक्षा में चूक के कारण झारखंड निवासी मज़दूर साथी लल्लन सिंह की मौत हो गई।
मज़दूरों के रोष प्रदर्शन का मुख्य कारण यह था कि प्रबंधन इस घटना में शव को छुपाने और मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था। इस बात से साथी मज़दूर भड़क उठे और अपने साथी की मौत पर उचित मुआवज़े तथा सुरक्षा की गारंटी की मांग करने लगे।
हाल के समय में यह कोई पहली घटना नहीं है, जहाँ मज़दूरों का आक्रोश फूटा हो। पानीपत, सूरत से लेकर बक्सर तक लगातार मज़दूर बेहतर कार्य परिस्थितियों के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
साफ तौर पर कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की मज़दूर-विरोधी लेबर कोड नीतियों को पूँजीपतियों ने व्यवहार में लागू करना शुरू कर दिया है। देशभर के तमाम प्लांटो फैक्ट्री कारखाने में मज़दूरों से सिंगल रेट 12 घण्टे काम करवाना आम प्रचलन बन चुका है। आज इसी मुख्य मांग को लेकर देश में कई प्लांटों और रिफाइनरियों में मज़दूर आन्दोलनरत हैं।













Recent Comments