यूपी पुलिस की गुण्डागर्दी नहीं चलेगी,
मज़दूर कार्यकर्ताओं का दमन करना बन्द करो!
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों को सम्बोधित करते हुए बिगुल मज़दूर दस्ता के अजीत ने कहा कि बीते एक हफ़्ते से मानेसर,गुड़गांव, फ़रीदाबाद से लेकर नोएडा तक फैली औद्योगिक पट्टी की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मज़दूर हज़ारों की तादाद में अपने वाजिब मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। ये सारे मज़दूर वेतन बढ़ोतरी, साप्ताहिक छुट्टी आदि की माँग करते हुए शान्तिपूर्ण प्रदर्शन कर रहें हैं। एक तरफ़ मालिकों की जमात इन मज़दूरों की माँग को नहीं सुन रही है तथा दूसरी तरफ़ सरकार पुलिस की मदद से मज़दूरों का दमन कर रही है। बड़े पैमाने पर हड़ताल में शामिल मज़दूरों को गिरफ़्तार किया गया है। इसके साथ ही कल नोएडा में मज़दूरों की इस हड़ताल में शामिल बिगुल मज़दूर दस्ता के चार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मेट्रो स्टेशन से ग़ैर कानूनी रूप से गिरफ़्तार या यूं कहे कि अगवा कर लिया। इन चार मज़दूर कार्यकर्ताओं में तीन महिला कार्यकर्ता थी। क़ानूनी तौर पर किसी महिला को हिरासत में लेने की कार्रवाई केवल महिला पुलिस कर्मी द्वारा की जा सकती है, लेकिन इस प्रकरण में सभी नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए यूपी पुलिस ने पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा उन महिलाओं को हिरासत में लिया। यह सीधे तौर पर योगी सरकार की तानाशाही है। लगभग एक दिन बीत जाने के बाद भी गिरफ़्तार साथियों की सलामती की कोई ख़बर पुलिस ने नहीं दी है। आज जब सूरजपुर कोर्ट में गिरफ़्तार साथियों की पेशी की खुबर पुलिस ने दी, उसके बाद कोर्ट की कार्रवाई के लिए दो साथी दो वकीलों के साथ पहुंचे। वहाॅं पहुंचते ही यूपी पुलिस ने दोनों वकीलों और कार्यकर्ताओं को मारते हुए गाड़ी में बैठा कर अगवा कर लिया। सीधे शब्दों में यह पुलिस की गुण्डागर्दी है। आज फ़ासीवादी मोदी-योगी सरकार पुलिसिया दमन का सहारा लेकर मज़दूर आन्दोलन को कुचलना चाहती है। आज हमें एकजुट होकर इन फ़ासीवादियों की हरेक दमनात्मक कार्रवाई का विरोध करना होगा।
साथी अजीत ने आगे कहा कि बिगुल मज़दूर दस्ता यह माॅंग करता है कि गिरफ़्तार साथियों को तुरन्त रिहा किया जाये एवं इस गुण्डागर्दी में शामिल पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जाये।
‘भगत सिंह स्टूडेंट & यूथ फ्रंट’ (BSYF) के इंद्रजीत और दिशा छात्र संगठन के आकाश ने भी सभा को सम्बोधित किया। इस विरोध प्रदर्शन में शहर के नागरिक व छात्र भी शामिल हुए।