(मज़दूर बिगुल के नवम्‍बर 2010 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

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सम्पादकीय

पूँजीवादी लूट इससे ज्यादा नग्न नहीं हो सकती! मेहनतकशों की तबाही-बर्बादी इससे भयंकर नहीं हो सकती! – हम अब और तमाशबीन नहीं बने रह सकते! एक ही रास्ता-मज़दूर इंक़लाब! मज़दूर सत्ता!

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

यह व्यवस्था अनाज सड़ा सकती है लेकिन भुख से मरते लोगों तक नहीं पहुँचा सकती है! / सुजय

संघर्षरत जनता

कारख़ाना मज़दूर यूनियन के नेतृत्व में 100 से भी अधिक पावरलूम कारख़ानों के मज़दूरों ने कायम की जुझारू एकजुटता – शक्तिनगर के मज़दूरों की आठ दिन और गौशाला, कश्मीर नगर व माधोपुरी के मज़दूरों की 15 दिन की हड़ताल से हासिल हुई शानदार जीत / लखविन्‍दर

महान शिक्षकों की कलम से

काम के उचित दिन की उचित मज़दूरी / एंगेल्‍स

साम्राज्यवाद / युद्ध / अन्‍धराष्‍ट्रवाद

इराकी जनता को तबाह करने के बाद अब इराक से वापसी का अमेरिकी ड्रामा / शिशिर

लेखमाला

माँगपत्रक शिक्षणमाला – 1 काम के दिन की उचित लम्बाई और उसके लिए उचित मज़दूरी मज़दूर वर्ग की न्यायसंगत और प्रमुख माँग है!

अयोध्‍या फैसला : मज़दूर वर्ग का नज़रिया (पहली किश्त)

कारखाना इलाक़ों से

बादाम उद्योग मशीनीकरण की राह पर / नवीन, बादाम मज़दूर यूनियन, करावलनगर, दिल्ली

गतिविधि रिपोर्ट

तीन-दिवसीय द्वितीय अरविन्द स्मृति संगोष्ठी गोरखपुर में सम्पन्न – 21वीं सदी का मज़दूर आन्दोलन : नयी चुनौतियाँ, नये रास्ते, नयी दिशा

देश के विभिन्न हिस्सों में माँगपत्रक आन्दोलन-2011 की शुरुआत