गरीब बस्ती के लोगों का बिजली कार्यालय पर ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन
बिगुल संवाददाता
लुधियाना की मज़दूर बस्ती राजीव गाँधी कालोनी के लोगों ने गुजरी 7 अगस्त को बिजली सम्बन्धी समस्याएँ हल न होने के खिलाफ़ बिजली विभाग के कार्यालय पर कारखाना मज़दूर यूनियन के नेतृत्व में ज़ोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
कालोनी में बिजली सप्लाई खराब रहने की बेहद गम्भीर समस्या बनी हुई है। ट्रांस्फार्मर का फयूज बार बार उड़ता रहा है। तारें सड़ती रहती हैं। जब बिजली खराब हो जाती है तो कई-कई दिनों तक बिजली विभाग वाले बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी ठीक नहीं करते। इस बार भी 5 जुलाई की शाम को ट्रांस्फार्मर के पास से तार जल गई थी जो ठीक नहीं की गई। कालोनी में बिजली मीटरों के बक्से खराब हालत में हैं। इसके कारण लोगों को करण्ट लगने का खतरा बना हुआ है। 11 हज़ार वोल्ट की तारें घरों की छतों के बहुत नजदीक से गुजरती हैं। इन सभी मसलों पर कारखाना मज़दूर यूनियन के नेतृत्व में कालोनी निवासी बिजली विभाग और डी.सी. कार्यालयों को दो वर्ष से समस्याएँ हल करने के लिए कहते आएँ हैं। लेकिन इनके कान पर जूँ तक नहीं रेंगी। 50-100 लोगों के दो-तीन बार पहले भी बिजली कार्यालय पर प्रदर्शन हुए हैं। कुछ दिन तक तो बिजली अधिकारी कालोनी की समस्या को गम्भीरता से लेते हैं लेकिन समय गुजरने से बात फिर वहीं की वहीं आ जाती है। एक वर्ष पहले कालोनी निवासियों के संघर्ष के दबाव में बिजली विभाग ने सर्दियों में नया ट्रांस्फार्मर लगाने का भरोसा दिया था लेकिन कुछ नहीं किया। दो महीने पहले फिर सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर करवाकर एस.डी.ओ. को माँगपत्र दिया गया था। ट्रांस्फार्मर लगाने का भरोसा एक बार फिर मिला लेकिन पूरा नहीं हुआ।
तीन दिन तक बिजली न आने पर 7 जुलाई को दोपहर 12 बजे 25-30 लोग इक्कठे होकर बिजली कार्यालय गए। इसके बाद बिजली खराबी ठीक कर दी गयी लेकिन टाल दी गयी। इसके बाद उसी दिन तीन बजे कालोनी के सैकड़ों लोगों ने बिजली कार्यालय पर धरना लगा दिया। जब काफी समय गुजर जाने के बाद भी कोई अफसर बात सुनने के लिए नहीं आया तो कार्यालय के दोनों गेट जाम कर दिए गए। काफी समय तक गेट जाम रहने के बाद बिजली विभाग और पुलिस के अफसर पहुँचे। एडीशनल एस.डी.ओ. ने वादा किया कि अगले दिन से ही ट्रांसफार्मर लगाने की कार्रवाई शुरू होगी। इसके बाद ही लोगों ने धरना हटाया। अगले दिन एडीशनल एस.डी.ओ. कालोनी में आकर ट्रांसफार्मर लगाने की जगह देखने भी आया। कालोनी निवासियों ने तय किया है कि अगर बिजली विभाग उनकी समस्याओं की अनदेखी का रवैया जारी रखेगा तो और भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
वास्तव में लुधियाना में गरीबों की सभी बस्तियों में बिजली की ऐसी ही समस्याएँ हैं। बिजली विभाग गरीबों की समस्याओं को गम्भीरता से नहीं लेता। पैसे वालों की ही सुनवाई होती है। गरीब लोगों की तभी सुनवाई होती है जब वे एकजुट होकर आवाज़ उठाते हैं। पानी, साफ-सफाई, गलियों-सड़कों, आदि सभी मामलों में गरीबों की बस्तियों के हालात बहुत खराब हैं। लुधियाना शहर की बड़ी बहुसंख्या ऐसी ही नारकीय हालतों वाले इलाकों में रहती है। रिहायशी समस्याओं पर गरीबों का एक बड़ा आन्दोलन खड़ा होना बहुत जरूरी है। राजीव गाँधी कालोनी के निवासी साफ-सफाई, पानी, बिजली के मुद्दों पर संघर्ष की राह पर हैं। लोगों ने इस संघर्ष के दौरान देखा है कि जब एकजुट होकर संघर्ष करते हैं तो समस्या हल हो सकती है। इससे पहले लोग बिजली की तारें सड़ने पर आपस में पैसे इक्कठे करके तार बदलवाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होता। अब लोग इक्कठे होकर बिजली विभाग से संघर्ष करते हैं। अन्य मुद्दों पर हुए संघर्ष का भी असर हुआ है। नगर निगम द्वारा लगाई गई एक प्राइवेट कम्पनी गाड़ी द्वारा कालोनी से कूड़ा इक्कठा करने लगी है। रात को गलियों में रोशनी के लिए कुछ स्ट्रीट लाइटें भी लगी हैं।
लोग पहले चुनावी पार्टियों के साथ जुड़े किसी न किसी नेता के पीछे लगकर समस्याओं का हल ढूँढते थे। लेकिन अब लोग समझने लगें हैं कि चुनावी पार्टियों के नेताओं के पीछे लगने से कोई फायदा नहीं होता बल्कि एकजुट संघर्ष के जरिए ही हालत बदल सकती है।
मज़दूर बिगुल, अगस्त 2014














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