मेहनतकश जब जागेंगे! चोर-लुटेरे भागेंगे!!
मारुति-सुज़ुकी कम्पनी और बजाज कम्पनी के पास के पास चलाया गया
‘मज़दूर बिगुल’ अख़बार का वितरण अभियान!
बीते 22 अक्टूबर को गुड़गाँव (हरियाणा) स्थित दोपहर के वक़्त मारुति-सुज़ुकी कम्पनी के पास और शाम के वक़्त बजाज कम्पनी के पास मज़दूरों को जागरूक और एकजुट करने के लिए ‘मज़दूर बिगुल’ अख़बार का वितरण अभियान चलाया गया।
‘बिगुल मज़दूर दस्ता’ के साथियों ने इस दौरान बात रखते हुए बताया कि मज़दूर वर्ग अपने क्रान्तिकारी विचारों अख़बार के ज़रिये ही हर रोज़ घटनाओं-समस्याओं व आन्दोलनों-संघर्षों को सही मज़दूर वर्गीय नज़रिये से समझ सकता है और अपने वर्गीय लक्ष्य निर्धारित कर सकता है।
देश-दुनिया समेत गुड़गाँव के इलाके में अस्थायीकरण, ठेकाकरण के चलते काम के घण्टे बढ़ते जा रहे हैं और रोज़गार के अवसर सिकुड़ते जा रहे हैं। इस वक़्त बेरोज़गारी अपने चरम पर है। दूसरी तरफ़ 12-14 घण्टे काम करने के बावजूद बढ़ती महँगाई की वजह से गुजारा करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में हमें अपने बुनियादी हक़-अधिकार के लिए एकजुट होकर संघर्ष की शुरुआत करनी ही होगी। पहले भी हमारे पुरखे इस स्थिति के ख़िलाफ़ उठ खड़े हुए थे। किसी मसीहा-अवतार के इन्तज़ार करने की बजाये अपनी तैयारी तेज़ करनी होगी। मज़दूर बिगुल अख़बार को नियमित पढ़े, अपने साथ कारखाना में हो रहे शोषण व रिहायशी इलाकों के जीवन स्थितियों की मुश्किल हालात पर रिपोर्ट भेजे। मज़दूर बिगुल अख़बार मज़दूरों के साथ-साथ कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार है। हमसे सम्पर्क करें।