बिगुल मज़दूर दस्ता ने गत 27 दिसम्बर को हैदराबाद के जीडीमेटला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मज़दूर बस्ती रामि रेड्डी नगर में चार लेबर कोड के विरोध में नुक्कड़ सभा करते हुए जुलूस निकाला। नुक्कड़ सभा के दौरान मज़दूरों को चार लेबर कोड के मज़दूर-विरोधी चरित्र को उजागर किया गया।
जीडीमेटला औद्योगिक क्षेत्र और उसके आसपास के कारख़ानों में लाखों की संख्या में मज़दूर अनौपचारिक या असंगठित मज़दूर के तौर पर काम करते हैं। यहाँ मज़दूरों को फ़ैक्ट्रियों में बिना किसी लिखित कॉन्ट्रैक्ट के काम पर रखा जाता है। इन मज़दूरों की ज़िन्दगी पहले से ही बदतर है, लेकिन अब चार लेबर कोड लागू होने के बाद इन मज़दूरों के लिए ग़ुलामी का दौर शुरू हो जाएगा। मज़दूरों की एक बहुत बड़ी संख्या लेबर चौक से अपना रोज़गार पाती है। इन मज़दूरों के लिए नए श्रम क़ानूनों में भी कोई जगह ही नहीं है।इन चार लेबर कोड के चलते अब मज़दूरों के काम के घंटे बढ़ जाएँगे और उन्हें ओवरटाइम भुगतान देना फ़ैक्ट्री मालिकों के लिए बाध्यताकारी नहीं होगा। पुराने क़ानूनों के तहत कुछ पंजीकृत फ़ैक्ट्रियों में इन मज़दूरों को ईएसआई और पीएफ की सुविधा मिलती है, लेकिन अब यह भी ख़त्म हो जाएगी। मज़दूरों के लिए हड़ताल पर जाना भी बेहद मुश्किल कर दिया गया है। यह मज़दूरों के संगठित होकर संघर्ष करने के अधिकार पर सीधा हमला है। ये लेबर कोड फ़ासिस्ट मोदी सरकार द्वारा पूँजीपतियों को दिया गया तोहफ़ा है जिससे अब वे मज़दूरों से मनमर्जी से मज़दूरी कराकर मुनाफा कमा सकेंगे।
बिगुल मज़दूर दस्ता ने मज़दूरों के अधिकार पर होने वाले हमलों को उजागर करते हुए मजदूरों को अनिश्चितकालीन आम हड़ताल के लिए संगठित होने का आह्वान किया। अभियान के दौरान यह पता चला कि ज़्यादातर मज़दूरों को फ़ासिस्ट मोदी सरकार द्वारा लाए गए लेबर कोड की कोई जानकारी ही नहीं है। ड्यूटी से लौट रहे मज़दूरों ने उत्सुकता से बात सुनी, पर्चे लिए और कार्यकर्ताओं से बातचीत भी की। बिगुल मज़दूर दस्ता आने वाले दिनों में यह अभियान हैदराबाद की अन्य मज़दूर बस्तियों में जारी रखेगा।













Recent Comments