बिगुल मज़दूर दस्ता ने बीती 18 जनवरी को जीडीमेटला औद्योगिक क्षेत्र की मज़दूर बस्ती रामि रेड्डी नगर में मज़दूर बिगुल अख़बार का घर-घर अभियान चलाया।
कार्यकर्ताओं ने मज़दूरों के क्रांतिकारी अख़बार की प्रासंगिकता पर बात करते हुए आज के तमाम मौजूदा विषयों पर बात रखी। उन्होंने चार लेबर कोड के मज़दूर-विरोधी चरित्र को उजागर करते हुए मज़दूरों को इसके विरोध में एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान भी किया। मोदी सरकार द्वारा मज़दूरों के अधिकारों पर किया गया यह हमला साफ़ दर्शाता है कि भाजपा पूँजीपतियों की सेवा के लिए ही सत्ता में है।
अभियान के दौरान कुछ स्थायी मज़दूर कम मज़दूरी के लिए प्रवासी मज़दूरों को दोष दे रहे थे। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूँजीवादी व्यवस्था मज़दूरों को रोज़गार के लिए विस्थापित करती है और उन्हें कम मज़दूरी में काम करने के लिए मजबूर करती है। यह व्यवस्था हर राज्य के स्थायी मज़दूरों और प्रवासी मज़दूरों के बीच दीवार खड़ी करती है। मज़दूर किसी भी क्षेत्र के रहने वाले हों, उन्हें अपनी क्रांतिकारी एकजुटता कायम करके संगठित होना चाहिए।
अभियान के दौरान मज़दूरों ने फ़ैक्टरी में काम की कठिन परिस्थितियों पर बात की और कार्यकर्ताओं की बातों से सहमति जताई। कई मज़दूरों ने मज़दूर बिगुल अख़बार लिया और मज़दूर बैठकी के लिए अपना संपर्क भी दिया।
 

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