8 अगस्त को गुड़गाँव (हरियाणा) में स्थित मारुति कम्पनी के पास दोपहर की शिफ़्ट में बिगुल अख़बार का वितरण अभियान चलाया गया।
बजा बिगुल मेहनतकश जाग! चिंगारी से लगेगी आग!! बीते 18 अगस्त को गुड़गाँव (हरियाणा) में स्थित मारुति कम्पनी के पास दोपहर की शिफ़्ट में बिगुल अख़बार का वितरण अभियान चलाया गया। मारुति कम्पनी में 90% से अधिक मज़दूर ठेका, कैजुअल, ट्रेनी वर्कर के तौर पर काम करते हैं। कम्पनी इन मज़दूरों से कुछ साल तक काम करवाती है और बाद में चाय में पड़ी मक्खी की तरह निकाल कर फेंक देती है, जबकि श्रम क़ानून के अनुसार सभी मज़दूरों को स्थायी काम पर स्थायी रोज़गार दिया जाना चाहिए। बिगुल मज़दूर दस्ता के साथियों ने मज़दूरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि फ़ासीवादी मोदी सरकार मज़दूरों के सभी श्रम क़ानूनों को ख़त्म करके, चार लेबर कोड लागू करने की तैयारी में हैं। चार लेबर कोड लागू होने के बाद मज़दूरों के बचे-खुचे अधिकार भी समाप्त हो जायेंगे। आज मुख्य धारा की मीडिया से ऐसे ज़रूरी मुद्दे पूरी तरह गायब हो चुके हैं। इसलिए आज मज़दूरों को एक क्रान्तिकारी अख़बार की ज़रूरत है, जो वर्तमान मुद्दों पर समझदारी बनाने के साथ-साथ मज़दूरों की मुक्ति का रास्ता भी बताये। बिगुल अख़बार इसी मक़सद से निकाला जा रहा है। मज़दूरों ने रुककर बात सुनी और अख़बार भी लिये। साथ ही अपने सम्पर्क भी साझा किये।













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