(मज़दूर बिगुल के दिसम्‍बर 2024 – जनवरी 2025 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

 

 

सम्पादकीय

नया साल मज़दूर वर्ग के फ़ासीवाद-विरोधी प्रतिरोध और संघर्षों के नाम! साम्राज्यवाद-पूँजीवाद के विरुद्ध क्रान्तिकारी संघर्षों के नाम!

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने पर आमादा योगी सरकार / अमित

मोदी राज में ‘अडानी भ्रष्टाचार – भ्रष्टाचार न भवति’ ! / वृषाली

भाजपा की वाशिंग मशीन : भ्रष्टाचारी को “सदाचारी” बनाने का तन्त्र! / अविनाश

श्रम कानून

लार्सन एण्ड टूब्रो कम्पनी के चेयरमैन की इच्छा : “राष्ट्र के विकास” के लिए हफ़्ते में 90 घण्टे काम करें मज़दूर व कर्मचारी! / केशव

आँगनवाड़ीकर्मी हैं सरकारी कर्मचारी के दर्जे की हक़दार! / वृषाली

विशेष लेख / रिपोर्ट

पाँच दिवसीय सातवीं अन्तरराष्ट्रीय अरविन्द स्मृति संगोष्ठी हैदराबाद में सम्पन्न हुई! फ़ासीवाद की सही समझ के साथ इसके विरुद्ध संघर्ष तेज़ करने का संकल्प

मज़दूर आंदोलन की समस्याएं

हालिया मज़दूर आन्दोलनों में हुए बिखराव की एक पड़ताल / भारत

समाज

चिन्मय स्कूल प्रशासन की आपराधिक लापरवाही से प्रिन्स की मौत, फिर भी स्कूल प्रशासन को बचाने में लगी दिल्ली पुलिस / लता

बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका

बढ़ती बेरोज़गारी के शिकार छात्रों-युवाओं पर टूटता फ़ासीवादी कहर – बिहार और उत्तराखण्ड में छात्रों पर बरसी लाठियाँ / ध्रुव

बुर्जुआ जनवाद – चुनावी नौटंकी

दिल्ली विधानसभा के चुनावी मौसम में चुनावबाज़ पूँजीवादी पार्टियों को याद आया कि ‘मज़दूर भी इन्सान हैं!’ / अजय

औद्योगिक दुर्घटनाएं

भोपाल गैस हत्याकाण्ड के 40 साल – मेहनतकशों के हत्याकाण्डों पर टिका मानवद्रोही पूँजीवाद!!

मज़दूर बस्तियों से

मज़दूर परिवार जान की गुहार लगाता रहा लेकिन प्रशासन चुनावी ताम-झाम में लगा रहा / गुरुदास, सिधानी (हरियाणा)

गतिविधि रिपोर्ट

राजधानी दिल्ली में एकजुट होकर अधिकारों के लिए आवाज़ उठायी मनरेगा मज़दूरों ने

कला-साहित्य

नाज़िम हिकमत के जन्मदिवस (15 जनवरी) पर कविता – कचोटती स्वतन्त्रता