(मज़दूर बिगुल के जुलाई 2022 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

 

सम्पादकीय

भाजपा के “राष्ट्रवाद” और देशप्रेम की खुलती पोल : अब मज़दूरों-किसानों के बेटे-बेटियों को पूँजीपति वर्ग के “राष्ट्र” की “रक्षा” भी ठेके पर करनी होगी!

बुर्जुआ मीडिया / संस्कृति

‘पुष्पा’, ‘केजीएफ़’… उन्‍हें बंजर सपने बेचो! / सुहास

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

कश्मीर में अल्पसंख्यकों और प्रवासी मज़दूरों की हत्या की बढ़ती घटनाएँ / आनन्‍द सिंह

“बुलडोज़र” बन रहा है फ़ासिस्ट हुक्मरानों की दहशत की राजनीति का नया प्रतीक-चिह्न! / शिवानी

विशेष लेख / रिपोर्ट

सशस्त्र बलों के बीच प्रचार की लेनिनवादी अवस्थिति क्या है? / सनी

बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका

सुप्रीम कोर्ट का गुजरात दंगों पर निर्णय : फ़ासीवादी हुकूमत के दौर में पूँजीवादी न्यायपालिका की नियति का एक उदाहरण / लता

साम्राज्यवाद / युद्ध / अन्धराष्ट्रवाद

अन्धाधुन्ध गोलियाँ बरसाकर सामूहिक हत्याएँ : अमेरिकी समाज की गम्भीर मनोरुग्णता का एक लक्षण / कात्‍यायनी

शिक्षा और रोजगार

शिक्षा का भगवाकरण : पाठ्यपुस्तकों में बदलाव छात्रों को संघ का झोला ढोने वाले कारकून और दंगाई बनाने की योजना / लता

बेरोज़गारी का गहराता संकट / मनजीत चाहर

पर्यावरण / विज्ञान

पृथ्वी पर बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन : पूँजीपतियों के मुनाफ़े की बलि चढ़ रही है हमारी धरती / सार्थक

लेखमाला

क्रान्तिकारी मज़दूर शिक्षण माला-2 : कुछ बुनियादी बातें जिन्हें समझना ज़रूरी है – 1 / अभिनव

मज़दूर वर्ग की पार्टी कैसी हो? (तीसरी क़िस्त) – मज़दूरों का आर्थिक संघर्ष और राजनीतिक प्रचार का सवाल / सनी

महान जननायक

चन्द्रशेखर आज़ाद के जन्मदिवस (23 जुलाई) पर – अपनी क्रान्तिकारी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लो! / करन इंसान

अय्यंकालि के स्मृति दिवस पर – जाति-उन्मूलन आन्दोलन को अय्यंकालि से सीखना होगा / अजीत

उद्धरण

सम्पत्ति विष की गाँठ – जनता के सच्चे लेखक प्रेमचन्द के जन्मदिवस (31 जुलाई) के अवसर पर