(मज़दूर बिगुल के फरवरी 2016 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

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सम्पादकीय

विरोध और जनान्‍दोलनों से बौखलाई सरकार और संघ परिवार का नया पैंतरा – “देशभक्ति” के गुबार में आम मेहनतकश जनता की ज़िन्दगी के ज़रूरी मुद्दों को ढँक देने की कोशिश – अन्धाधुन्ध झूठे प्रचार के ज़रिये प्रगतिशील, जनवादी और जनपक्षधर ताक़तों को देशद्रोही करार देकर अवाम का मुँह बन्द करने की साज़िश को समझो!

विशेष लेख / रिपोर्ट

पूँजीवादी खेती, अकाल और किसानों की आत्महत्याएँ / विराट

संघर्षरत जनता

होंडा मोटर्स, राजस्‍थान के मज़दूरों के आन्‍दोलन का बर्बर दमन, पर संघर्ष जारी है!

विरासत

रोबर्ट ओवन : महान काल्पनिक समाजवादी / अमित

समाज

रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या से उपजे कुछ अहम सवाल जिनका जवाब जाति-उन्मूलन के लिए ज़रूरी है!

राष्ट्रीय अनुसूचित-जाति आयोग का भी दलित-विरोधी चेहरा उजागर हुआ

स्वास्‍थ्‍य

दवा उद्योग का आदमख़ोर गोरखधन्धा / नवमीत

बोलते आँकड़े, चीख़ती सच्चाइयाँ

सेठों ने डकारे बैंकों के 1.14 लाख करोड़ रुपये / संजय

स्मृति शेष

साथी नवकरण की याद में

कारखाना इलाक़ों से

मज़दूरों की कत्लग़ाह बने चाय बागान / श्‍वेता

मज़दूर बस्तियों से

‘दिल्ली मास्टर प्लान 2021’ की भेंट चढ़ी ग़रीबों-मेहनतकशों की एक और बस्ती – शकूर बस्ती / बेबी कुमारी

गतिविधि रिपोर्ट

रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या के विरोध में देशभर में विरोध प्रदर्शन

कला-साहित्य

कविता – जब फ़ासिस्ट मज़बूत हो रहे थे – बेर्टोल्ट ब्रेष्ट

कविता – साम्प्रदायिक फसाद / नरेन्‍द्र जैन

कविता – देश काग़ज़ पर बना नक्शा नहीं होता / सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

कविता – गोयबल्स / कात्यायनी

आपस की बात

अन्धकार को दूर भगाओ, मज़दूर मुक्ति की मशाल जगाओ / मनन, शिमला

मज़दूरों की कलम से

मज़दूरों की ज़ि‍न्दगी / राजेश, नोएडा