‘मज़दूर बिगुल’ डाक से न पहुँचने की शिकायतों के बारे में
प्रिय पाठको,
हमें ‘मज़दूर बिगुल’ के कई नियमित पाठकों की ओर से अक्सर ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि अख़बार की प्रति उन्हें मिल ही नहीं रही है या अनियमित मिल रही है। ऐसे साथियों से आग्रह है कि वे एक बार अपने निकटतम डाकघर में लिखित शिकायत दर्ज करायें और उसकी प्रति हमें भी ईमेल या व्हाट्सएप पर भेज दें, ताकि हम जिस डाकघर से अख़बार पोस्ट करते हैं, वहाँ भी शिकायत दर्ज करा सकें।
पिछले काफ़ी समय के अनुभव और डाक विभाग के ही अनेक कर्मचारियों व अधिकारियों से बात करने के आधार पर यह स्पष्ट है कि यह सरकार जानबूझकर डाक विभाग की जनसेवाओं को नष्ट कर रही है ताकि इसके भी बड़े हिस्से को निजीकरण की ओर धकेला जा सके। एक तरफ़ सेवाओं के दाम बढ़ाये जा रहे हैं, दूसरी ओर नयी भर्तियाँ नहीं करने, ठेकाकरण बढ़ाने और डाकिये सहित तमाम कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ाते जाने से भी सेवाएँ प्रभावित हो रही हैं।
‘बिगुल’ जैसे जनपक्षधर पत्र-पत्रिकाओं और हमारे पाठकों के लिए इससे कठिनाइयाँ बढ़ गयी हैं लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आप तक अख़बार पहुँचता रहे। इसमें हमें आपका भी सहयोग चाहिए।
साधारण डाक की अव्यवस्था और अनिश्चितता से बचने के लिए ‘मज़दूर बिगुल’ को आप रजिस्टर्ड डाक (ज्ञान पोस्ट) से मँगवा सकते हैं। इसके लिए आपको प्रति अंक 25/- के हिसाब एक साल के 300/- अतिरिक्त भेजने होंगे।
रजिस्टर्ड डाक के ख़र्च सहित नयी वार्षिक सदस्यता का शुल्क 425 रुपये होगा।













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