मेट्रो विहार फेस-1 के C ब्लॉक में बिगुल मज़दूर दस्ता द्वारा क्रान्तिकारी अख़बार ‘मज़दूर बिगुल’ प्रचार एवं वितरण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लोगों से यह बात की गयी कि ‘मज़दूर बिगुल’ अख़बार मज़दूरों मेहनतकशों का अपना क्रान्तिकारी अख़बार है जो किसी फैक्ट्री मालिक, धन्नासेठ या चुनावबाज़ पार्टी के दम पर नहीं बल्कि मज़दूरों मेहनतकशों के दम पर चलता है। फ़ासीवादी मोदी सरकार के कार्यकाल में मज़दूरों मेहनतकशों के जीवन दशा दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। मज़दूर विरोधी चार लेबर-कोड लागू किए जा रहे है। लगातार बढ़ती महँगाई ग़रीबी एवं बेरोज़गारी से जनता त्रस्त है। इस कारण जनता के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। ऐसे में पूँजीपतियों का मीडिया मज़दूरों-मेहनतकशों को जाति-धर्म के नाम बाँटने का काम रहा है और उनकी ज़िन्दगी से जुड़े असली मसलों को छुपाने का काम कर रहा है। इसलिए आज ज़रूरत है लोगों को अपने असली मुद्दों पर एकजुट होने की। मज़हबी दीवार को गिराकर अपनी वर्गीय एकजुटता बनाने की और लोगों एकजुट करने के काम में एवं उनके संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए एक क्रान्तिकारी मीडिया को खड़ा करने की आवश्यकता है।स्थानीय लोगों ने हमारी बातों को ध्यान सुना तथा अपनी सहमति जतायी। हमसे अख़बार लिये और विभिन्न मुद्दों पर अपनी ओर से भी बातें रखीं।













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