साथियो, हरियाणा में पानीपत स्थित ‘इण्डियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड’ की रिफाइनरी में काम करने वाले हज़ारों श्रमिकों को अमानवीय हालात से तंग आकर हड़ताल को मजबूर होना पड़ा। सोमवार को रिफाइनरी विस्तार और निर्माण कार्य में लगे ठेका श्रमिकों ने अपनी जायज़ माँगों को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। यहाँ कार्यरत मज़दूर काम के घण्टे, ओवरटाइम, परिवहन व्यवस्था, शौचालय की सुविधा, ईएसआई-पीएफ, कैण्टीन की सुविधा, सुरक्षा कर्मियों के ख़राब व्यवहार आदि जैसे मुद्दों को लम्बे समय से उठाते रहे थे। लेकिन रिफाइनरी प्रशासन ने इनकी माँगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। इस असंवेदनशील रवैये से तंग आकर श्रमिकों ने जैसे ही शान्तिपूर्ण प्रदर्शन और हड़ताल का रास्ता अपनाया वैसे ही पुलिस और सीआईएसएफ के जवान मुस्तैदी के साथ इन्हें दबाने में जुट गये। लेकिन श्रमिकों के बुलन्द हौसलों को तोड़ने में नाकाम होने की स्थिति में अब “बातचीत” के द्वारा समाधान निकालने की बात कही जा रही है।
हरियाणा के पानीपत में स्थित इस रिफाइनरी की विभिन्न इकाइयों और विस्तार योजनाओं में 30 हज़ार से ज़्यादा मज़दूर-कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से ज़्यादातर श्रमिक ठेकेदारों के तहत कार्यरत हैं। दमन और शोषण का सबसे ज़्यादा सामना इन्हीं ठेका श्रमिकों को करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार यहाँ की कुल रिफाइनिंग क्षमता लगभग 15 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक पहुँच चुकी है लेकिन हज़ारों ठेका मज़दूर, जो इस रिफाइनरी के निर्माण, रखरखाव और उत्पादन कार्यों में लगे हैं, आज अपने बुनियादी अधिकारों तक से महरूम हैं। यहाँ कार्यरत मज़दूरों के आरोप हैं कि उनपर 12-12 घण्टे काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है, ओवरटाइम का समुचित भुगतान नहीं होता, वेतन में देरी होती है, ईएसआई-पीएफ जैसे अधिकार समुचित तौर पर नहीं मिलते और आवाज़ उठाने पर ठेकेदारों द्वारा काम से निकालने की धमकियाँ दी जाती हैं। यही नहीं काम करने के हालात बेहद अमानवीय हैं। श्रमिकों को पेयजल, शौचालय, परिवहन, कैण्टीन और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी ठीक से नहीं मिलती हैं। रिफाइनरी जैसे संवेदनशील और जोखिमपूर्ण कार्यस्थल पर इन अमानवीय हालात में श्रमिकों से काम लिया जाना सीधे तौर पर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है। ध्यान रहे श्रमिकों के ये हालात तो तब हैं जब मज़दूर-कर्मचारी विरोधी चार श्रम संहिताओं को अभी लागू होना है। ये श्रम संहिताएँ लागू होने के बाद श्रमिकों की स्थिति का अन्दाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।
हम पानीपत रिफाइनरी के मज़दूरों की सभी माँगों का पुरज़ोर समर्थन करते हैं। हम रिफाइनरी प्रशासन और सरकार से माँग करते हैं श्रमिकों की सभी माँगों को तत्काल प्रभाव से पूरा किया जाये। श्रमिकों पर किसी भी प्रकार की बदले की या दमनात्मक कार्रवाई को तत्काल रोका जाये।
हम माँग करते हैं :-
– पानीपत रिफाइनरी के मज़दूरों की सभी माँगों को पूरा करो।
– काम के घण्टे 8 हों और ओवरटाइम का डबल रेट से भुगतान किया जाये।
– वेतन का भुगतान नियत समय पर और नियमित तौर पर हो।
– कार्यस्थल के हालात बेहतर किये जायें और सभी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान की जायें।
– ठेका प्रथा को समाप्त किया जाये।
– चार लेबर कोड रद्द किये जायें।













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