7 अप्रैल। सत्यम, आईएमटी मानेसर (ज़िला गुरुग्राम, हरियाणा) में स्थित एक ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी है। इसके लगभग 300 ठेका मज़दूर वेतन बढ़ोतरी और अपने जायज़ हक-अधिकारों के लिए हड़ताल पर बैठे हैं। सत्यम कंपनी में भी ठेका मज़दूरों को मात्र 10–11 हज़ार रुपये वेतन मिलता है, जिससे गुरुग्राम जैसे महँगे शहर में गुज़ारा करना बेहद मुश्किल है।
गैस की किल्लत और बढ़ती महँगाई के कारण मज़दूर बस्तियों में सब्ज़ियों से लेकर अन्य खाने-पीने की चीज़ों और रोज़मर्रा के सामानों की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। इलाके के ढाबों पर जो खाने की थाली पहले 60 रुपये में मिलती थी, वह अब 100–120 रुपये तक पहुँच गई है। जो गैस पहले लगभग 100 रुपये प्रति लीटर मिलती थी, वह अब 300 रुपये तक पहुँच गई है।
आज पूरे गुरुग्राम में उठी वेतन बढ़ोतरी और मज़दूरों के जायज़ हक-अधिकारों की लड़ाई आईएमटी मानेसर, बिनौला, धारूहेड़ा और बावल सहित पूरी ऑटोमोबाइल व एक्सपोर्ट पट्टी में फैल रही है। पिछले पाँच दिनों में होंडा, मुंजाल शोवा, सत्यम रूप पॉलीमर्स से लेकर आज मॉडलमा कंपनी तक के मज़दूर आंदोलनरत हैं।
बढ़ती महँगाई के कारण आज पूरे देश में मज़दूरों में भारी रोष है। यही वजह है कि जगह-जगह मज़दूर वेतन बढ़ोतरी, कार्यदिवस में सुधार और ठेका प्रथा के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल उद्योग अस्थायी मज़दूर यूनियन व बिगुल मज़दूर दस्ता के साथी भी हड़ताल स्थल पर मज़दूरों के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।













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