(मज़दूर बिगुल के जून 2022 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय

बढ़ती महँगाई का असली कारण; गहराते पूँजीवादी आर्थिक संकट के दौर में समूचे पूँजीपति वर्ग द्वारा आपदा को अवसर में बदलकर जारी लूट और मुनाफ़ाख़ोरी

फ़ासीवाद

दिल्ली में बुलडोज़र राज / केशव आनन्द
ज्ञानव्यापी विवाद और फ़ासिस्टों की चालें / अजीत
फासीवाद की बुनियादी समझ बनायें और आगे बढ़कर अपनी ज़िम्मेदारी निभायें / कविता कृष्णपल्लवी

क्रान्तिकारी मज़दूर शिक्षण माला

मज़दूरी के बारे में (क्रान्तिकारी मज़दूर शिक्षण माला – 1) / अभिनव

अन्तरराष्ट्रीय

श्रीलंका का संकट : नवउदारवादी नीतियों की ख़ूनी जकड़ का विनाशकारी परिणाम / लता

पर्यावरण

देश में भयंकर गर्मी और पानी तथा बिजली के संकट का मुख्य कारण है; पूँजीवाद के हाथों हो रही पर्यावरण की तबाही / सार्थक

समाज

नहीं, सर्वोच्च न्यायालय के महामहिमो! वेश्यावृत्ति कोई “पेशा” या “चयन की आज़ादी” नहीं है! ‘देह व्यापार’ स्त्रियों-बच्चों के विरुद्ध शोषण, हिंसा, असहायता और विकल्पहीनता में लिथड़ा पूँजीवादी मवाद है! / शिवानी

कारख़ाना इलाक़ों से

बढ़ती महँगाई और मज़दूरों के हालात / भारत
मुण्डका (दिल्ली) की फैक्ट्री में लगी आग: कौन है इन 31 मौतों का ज़िम्मेदार? / भारत
उत्तर प्रदेश में निर्माण मज़दूरों की स्थिति है भयावह, संघर्ष का रास्ता चुनना ही होगा

कला-साहित्य

दो कविताएँ

आपस की बात

‘किसान मज़दूर एकता’ केे खोखले नारे की असलियत / कालू राम
वज़ीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में काम के बुरे हालात / विष्णु