(मज़दूर बिगुल के मार्च 2018 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय

सावधान! श्रम क़ानूनों में बदलाव करके स्थायी रोज़गार को ख़त्म करने की दिशा में क़दम बढ़ा चुकी है सरकार

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

बैंक घोटाले, भ्रष्ट मोदी सरकार और पूँजीवाद / मुकेश असीम

शहीद भगतसिंह विशेष

स्मृति में प्रेरणा, विचारों में दिशा : क्रान्तिकारी कार्यक्रम का मसविदा

क्रान्तिकारियों का विश्वास है कि देश को क्रान्ति से ही स्वतन्त्रता मिलेगी

स्मृति में प्रेरणा, विचारों में दिशा : असेम्बली बम काण्ड पर सेशन कोर्ट में भगतसिंह के बयान का अंश

स्मृति में प्रेरणा, विचारों में दिशा : तीसरे इण्टरनेशनल, मास्को के अध्यक्ष को तार

स्मृति में प्रेरणा, विचारों में दिशा : विद्यार्थियों के नाम सन्देश

स्मृति में प्रेरणा, विचारों में दिशा : ‘मॉडर्न रिव्यू’ पत्रिका के सम्पादक के नाम पत्र

संघर्षरत जनता

एल.जी. के मज़दूरों का संघर्ष ज़िन्दाबाद!

देश के विभिन्न राज्यों में ज़ोरों-शोरों से चलाया जा रहा है ‘भगतसिंह राष्ट्रीय रोज़गार गारण्टी क़ानून’ अभियान

मज़दूर आंदोलन की समस्याएं

महाराष्ट्र में किसानों और आदिवासियों का ‘लाँग मार्च’ : आन्दोलन के मुद्दे, नतीजे और सबक़ / इन्‍द्रजीत

हरियाणा में आँगनवाड़ी महिलाकर्मियों का आन्दोलन : सीटू और अन्य संशोधनवादी ट्रेड यूनियनों की इसमें भागीदारी या फिर इस आन्दोलन से गद्दारी?! / वृषाली

त्रिपुरा चुनाव : चेत जाइए, जुझारू बनिए, नहीं तो बिला जायेंगे!

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के नतीजे और संसदीय वाम का संकट / कविता कृष्‍णपल्‍लवी

महान शिक्षकों की कलम से

लेनिन की कविता की कुछ पक्तियाँ

विरासत

महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन के जन्मदिवस (14 मार्च) के अवसर पर उनके प्रसिद्ध लेख के अंश समाजवाद ही क्यों?

बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका

मारुति मानेसर प्लाण्ट के मज़दूरों की सज़ा के एक वर्ष पूरा होने पर पूँजीवादी न्याय-व्यवस्था द्वारा पूँजी की चाकरी की पुरज़ोर नुमाइश

शिक्षा और रोजगार

दिल्ली में बेरोज़गारी के गम्भीर हालात बयान करते आँकड़े / सिमरन

बोलते आँकड़े, चीख़ती सच्चाइयाँ

लगातार बढ़ती मज़ूदरों की असुरक्षा / आनन्‍द सिंह