डॉक्टरों-नर्सों पर फूल बरसाने की सरकारी नौटंकी, मगर अपना हक़ माँगने पर सुनवाई तक नहीं
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नर्सिंग स्टाफ़ के लोग लम्बे समय से अपनी माँगों को अनसुना किये जाने से नाराज़ थे और बार-बार की उपेक्षा से तंग आकर बीते 14 दिसम्बर को एम्स में कार्यरत 5000 नर्सिंग स्टॉफ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी थी। उनकी मुख्य मांगें थीं छठे केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करना और कॉन्ट्रैक्ट आधारित भर्ती ख़त्म करना। एम्स के कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा लागू की जा रही नीतियाँ घोर मज़दूर विरोधी हैं।





















