गोरखपुर में मज़दूर नेताओं पर मिल मालिकों का क़ातिलाना हमला

उत्तर प्रदेश में नोएडा से लेकर तक गोरखपुर तक श्रम कानूनों का कोई मतलब नहीं रह गया है और मज़दूर बुनियादी अधिकारों से भी वंचित हैं। इनके विरोध में आवाज़ उठाते ही मैनेजमेंट और प्रशासन का गँठजोड़ मज़दूरों के दमन पर उतारू हो जाता है। अगर इन घटनाओं पर फौरी कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति विस्फोटक होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
गोरखपुर में आज सुबह जब वी.एन. डायर्स की कपड़ा मिल के मज़दूर कारखाना गेट पर मीटिंग करने के बाद लौट रहे थे तो मिल मालिक, उसके बेटे और कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने उन पर जानलेवा हमला किया। शुरू से आन्दोलन में अहम भूमिका निभा रहे बिगुल मज़दूर दस्ता के कार्यकर्ताओं को उन्होंने खास तौर पर निशाना बनाया। मिल मालिक ने अपनी पिस्तौल के कुन्दे से मार-मारकर बिगुल मज़दूर दस्ता के उदयभान का सिर बुरी तरह फोड़ दिया जबकि प्रमोद को कारखाने के भीतर ले जाकर लोहे की छड़ों और डण्डों से बुरी तरह पीटा गया। हमले में कई मज़दूर भी घायल हो गये।
दरअसल, गोरखपुर के बरगदवा इलाके के तीन कारखानों — अंकुर उद्योग लि., वी.एन. डायर्स एंड प्रोसेसर्स धागा मिल तथा कपड़ा मिल में विगत लगभग एक माह से मज़दूर अपनी जायज़ माँगों को लेकर आन्दोलनरत थे। पिछले सप्ताह दो कारखानों में मज़दूरों की प्रमुख माँगें मान ली गयी थीं लेकिन वी.एन. डायर्स की कपड़ा मिल के मज़दूरों की माँगों पर मालिक अड़ियल रवैया अपनाये हुए थे।
बिगुल मज़दूर दस्ता, दिल्ली मेट्रो कामगार संघर्ष समिति तथा बादाम मज़दूर यूनियन ने गोरखपुर में बिगुल मज़दूर दस्ता से जुड़े मज़दूर नेताओं पर कातिलाना हमले की कड़ी निन्दा करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।