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भोपाल हत्याकाण्ड : कटघरे में है पूरी पूँजीवादी व्यवस्था – भोपाल पर अदालती फैसले ने नरभक्षी मुनाफाखोर व्यवस्था, पूँजीवादी राजनीति और पूँजीवादी न्याय को नंगा कर दिया है
यूनानी मजदूरों और नौजवानों के जुझारू आन्दोलन के सामने विश्व पूँजीवाद के मुखिया मजबूर – यूरोपीय आर्थिक संघ के संकट ने खोली वित्तीय संकट से उबरने के दावों की पोल! जनता नहीं उठायेगी सट्टेबाजों, आर्थिक लुच्चों-लफंगों के जुए का बोझ / अभिनव
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2009-2014 : पूँजीवादी लूट व शोषण और मेहनतकश ग़रीबों के विस्थापन के लिए रास्ता साफ करने का फरमान
चीन में मजदूर संघर्षों का नया उभार – मजदूर हड़तालों के अनवरत सिलसिले से चीनी शासकों और दुनियाभर के पूँजीपतियों की नींद उड़ी / सत्यप्रकाश
कॉमरेड के ”कतिपय बुध्दिजीवी या संगठन” और कॉमरेड का कतिपय ”मार्क्सवाद” – दिल्ली के बादाम मजदूरों का ऐतिहासिक आन्दोलन और मजदूर आन्दोलन की भावी दिशा / अभिनव
कैसा है यह लोकतन्त्र और यह संविधान किनकी सेवा करता है? (चौथी किस्त) – अन्तरिम सरकार और संविधान सभा / आलोक रंजन
मालिकों के लिए हम सिर्फ मुनाफा पैदा करने की मशीन के पुर्जे हैं / आनन्द, बादली औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली
टेक्सटाइल मजदूर प्रेमचन्द उर्फ पप्पू की मौत महज एक हादसा नहीं – कारख़ाना मालिकों की मुनाफे की हवस और लापरवाही का अगला शिकार कहीं आप तो नहीं? / राजविन्दर
आपस की बात
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