आमदनी में गिरावट और काम के अमानवीय हालात की वजह से हैदराबाद में ज़ेप्टो डिलीवरी राइडर हड़ताल पर
हैदराबाद में रामंतापुर और बोद्दुपल इलाक़ों में स्थित ज़ेप्टो डार्क स्टोर्स के डिलीवरी राइडर पिछले सात दिनों से हड़ताल पर हैं। बिगुल मज़दूर दस्ता के सदस्यों ने कुछ संघर्षरत राइडरों से हड़ताल के कारणों पर बात की। राइडरों का कहना है कि ज़ेप्टो कम्पनी के नए पेमेंट रेट कार्ड के तहत उन्हें बेहद कम पेमेंट मिल रहा है और उनके काम के घंटे भी बढ़ गए हैं। जहाँ पहले उन्हें एक डिलीवरी पर क़रीब ₹35 मिलते थे, वहीं अब उन्हें मात्र ₹15 ही मिल रहे हैं। पुरानी पेमेंट योजना के तहत उन्हें लगभग ₹3500 के साप्ताहिक पेमेंट की गारण्टी मिलती थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है। साप्ताहिक पेमेंट की गारण्टी के अभाव में डिलीवरी मिलने की कोई निश्चितता नहीं रह गई है। पेट्रोल और मोबाइल डेटा की बढ़ती क़ीमतों की वजह से राइडरों को डिलीवरी के दौरान लगा अपना ख़र्च भी निकालना मुश्किल होता जा रहा है। नतीजतन अब उन्हें अपने काम के घंटे बढ़ाने पड़ रहे हैं जिसकी वजह से कई राइडरों को पीठ में दर्द की समस्या पैदा हो गई है। राइडरों को आराम करने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। उनके लिए वाशरूम तक का इन्तज़ाम नहीं है। डार्क स्टोर के पास एक छोटे-से और गन्दे कमरे में राइडर्स रहते हैं जहाँ न तो कुर्सियाँ हैं और न ही लेटने की कोई व्यवस्था। वहाँ फ़र्स्ट एड बॉक्स तक भी नहीं है। हड़ताली राइडर वाशरूम और आराम करने की समुचित व्यवस्था करने की माँग भी कर रहे हैं। ज्ञात हो कि ज़ेप्टो कम्पनी अपनी सभी शाखाओं में अलग-अलग पेमेंट और इन्सेंटिव रेट लागू करती है। ज़ेप्टो डिलीवरी राइडर सभी शाखाओं में समान पेमेंट और इन्सेंटिव की माँग भी उठा रहे हैं |
ज़ेप्टो कम्पनी ग्राहकों से वायदा करती है कि वह 5 किलोमीटर की दूरी के भीतर 10 मिनट में सामान पहुँचाएगी। 10 मिनट की इस डिलीवरी से मध्यवर्गीय और उच्चवर्गीय ग्राहकों की ज़िन्दगी में तो बहुत सहूलियत आ गई है परन्तु कम लोगों को ही यह एहसास होता है कि ज़ेप्टो कम्पनी का वायदा पूरा करने के लिए ज़ेप्टो डिलीवरी राइडर्स को अपनी जान जोख़िम में डालनी पड़ती है। ज़ेप्टो पर ऑर्डर आते ही डिलीवरी राइडर को पहले सामान इकट्ठा करना, बाइक पर लादना और फिर ग्राहक के दरवाज़े तक पहुँचाना होता है और यह सब काम 10 मिनट के भीतर करना होता है। सामान के आकार, वजन और ऑर्डर में वस्तुओं की मात्रा के अनुसार समय में कोई छूट नहीं दी जाती है। अगर सामान पहुँचाने में देरी होती है तो चेतावनी जारी की जाती है और कई बार ऐसा होने पर उनको पेनाल्टी भी देनी पड़ती है। अगर कोई सामान क्षतिग्रस्त होता है, तो उसकी भरपाई राइडर के पेमेंट से की जाती है। इस भयावह और अत्यन्त शोषणकारी कार्य स्थिति का विरोध करते हुए डिलीवरी राइडर्स इस ‘10 मिनट में डिलीवरी’ योजना को हटाने की माँग भी उठा रहे हैं।
पिछले सात दिनों में ज़ेप्टो कम्पनी ने डिलीवरी राइडर्स की हड़ताल तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। शान्तिपूर्वक हड़ताल कर रहे राइडरों को पुलिस द्वारा डराया-धमकाया गया। कई आन्दोलनरत राइडर्स को काम से बर्खास्त कर दिया गया। कुछ राइडरों से माफ़ीनामा भी लिखवाकर उन्हें काम शुरू करने के लिए मजबूर किया गया है और सभी राइडरों के बीच एकजुटता क़ायम न हो सके इसके लिए दूसरे स्टोर के डिलीवरी राइडरों को ज़्यादा पेमेंट और इंसेंटिव देकर काम पूरा करवाया गया। संघर्षरत राइडरों पर लगातार कॉल करके दबाव बनाया जा रहा है कि वे ड्यूटी जॉइन करें, अन्यथा उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा।
इस बीच संघर्षरत डिलीवरी राइडरों ने ‘तेलंगाना गिग एंड प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स यूनियन’ की मदद से लेबर ऑफ़िस में शिकायत दर्ज कर अपनी माँगें सामने रखीं। लेकिन लेबर ऑफ़िस ने पहले तो उनके पास अपॉइंटमेंट लेटर न होने उन्हें का हवाला देकर और उन्हें कैज़ुअल वर्कर घोषित करके राइडर्स का पत्र लेने से ही मना कर दिया। बाद में जब राइडर अड़े रहे तो उनका पत्र तो स्वीकार किया गया परन्तु उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यूनियन की ओर से भी राइडर्स को कोई ठोस रणनीति और योजना प्रस्तावित नहीं की गई है जिसकी वजह से शेष संघर्षरत राइडरों में मायूसी और निराशा छा रही है।
ज़ेप्टो डार्क स्टोर, रामंतापुर, हैदराबाद के डिलीवरी राइडर्स की मुख्य माँगें निम्न हैं:
1. पुराने पेमेंट और इंसेंटिव रेट को लागू किया जाये।
2. साप्ताहिक पेमेंट की गारण्टी को फिर से लागू किया जाये।
3. ज़ेप्टो कम्पनी अपनी सभी शाखाओं में समान पेमेंट और इन्सेंटिव रेट लागू करे।
4. ‘10 मिनट में डिलीवरी’ योजना को तुरंत रद्द किया जाये।
5. ईएसआई, पीएफ़ जैसी सुविधाएँ और सभी के लिए स्वास्थ्य बीमा सुनिश्चित हो।
6 अनुचित रूप से किसी भी आईडी को ब्लॉक न किया जाये।
7. कार्यस्थल पर वॉशरूम और आराम करने की समुचित व्यवस्था की जाये।
8. सरकार गिग वर्कर्स के न्यूनतम वेतन, महँगाई भत्ता और कार्यस्थल पर स्वस्थ कार्य परिस्थितियों को लेकर तुरन्त क़ानून बनाये।
बिगुल मज़दूर दस्ता हैदराबाद के संघर्षरत ज़ेप्टो डिलीवरी राइडरों की हड़ताल और उपरोक्त माँगों का समर्थन करता है और हम संघर्षरत राइडर्स के साथ खड़े हैं। हमारा मानना है कि सभी गिग वर्करों को व्यापक जुझारू एकता के बूते ही यह लड़ाई जीती जा सकती है।













Recent Comments