कोरोना और इसके बाद पैदा किये गये हालात का मेहनतकश महिलाओं के जीवन पर असर
संकट के समय में जब संसाधन कम होते हैं और बाकी संस्थान और सेवायें बन्द होती हैं तब महिलाओं को दूरगामी परिणामों के साथ विकट स्थितियों का सामना करना पड़ता है। जो आगे चलकर उनमें कमजोरी, बिमारी और तनाव के रूप में सामने आती है। यही कुछ कोविड-19 के समय में भी हुआ। घर के लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने की जद्दोजहद के बीच अकसर महिलाएं ख़ुद पोषण युक्त खाना नहीं खा पाती थीं और ना ही खुद की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दे पाती थीं। और आज ये बात कई रिसर्च में भी सामने आयी है कि न्यूट्रीशन की कमी पुरूषों की अपेक्षा स्त्रीयों में ज्यादा है। एक सर्वे में ये भी बात सामने आयी है कि लगभग 33 प्रतिशत महिलाओं को पूरे लॉकडॉउन के दौरान भरपूर नींद भी नसीब नहीं हुई।



















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