(मज़दूर बिगुल के मार्च 2023 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

 

सम्पादकीय

फ़ासीवाद को परास्त करने के लिए सर्वहारा रणनीति पर कुछ ज़रूरी बातें

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

नेल्ली जनसंहार के चालीस वर्षों बाद : इतिहास का वह प्रेत आज भी जीवित है / कात्‍यायनी

भाजपा की शातिर अफ़वाह मशीनरी की नयी घटिया हरकत और उसका पर्दाफ़ाश / कात्‍यायनी

विशेष लेख / रिपोर्ट

‘मज़दूर बिगुल’ के पाठकों से एक अपील

संघर्षरत जनता

सड़क पर तो हम जीते ही थे, अब न्यायालय में भी जीत के क़रीब है दिल्ली की आँगनवाड़ीकर्मियों का संघर्ष! / वृषाली

उत्तराखण्ड में रोज़गार का हक माँगने पर मिलीं लाठियाँ और जेल / अपूर्व

महान शिक्षकों की कलम से

अन्तरराष्ट्रीय सर्वहारा के महान नेता स्तालिन के स्मृति दिवस (5 मार्च 1953) के अवसर पर दो उद्धरण

शिक्षा और रोजगार

शिक्षा का घटता बजट और बढ़ता निजीकरण / लता

लेखमाला

मज़दूर आन्दोलन में मौजूद किन प्रवृत्तियों के ख़िलाफ़ मज़दूर वर्ग का लड़ना ज़रूरी है? – (दूसरी क़िस्त) / शिवानी

क्रान्तिकारी मज़दूर शिक्षण माला-10 : मालों का संचरण और मुद्रा / अभिनव

कारखाना इलाक़ों से

अम्बेडकरनगर के गाँवों के कारख़ानों में खटते मज़दूरों के हालात

कला-साहित्य

रोशनाबाद श्रृंखला की तीन कविताएँ / कविता कृष्‍णपल्‍लवी