प्रदर्शन में बात रखते हुए वक्ताओं ने कहा कि कल शाम 7 बजे नोएडा में चार मज़दूर कार्यकर्ताओं रुपेश, आकृति, सृष्टि और मनीषा को यूपी पुलिस ने अवैध तरीक़े से गिरफ़्तार कर लिया। इन चार कार्यकर्ताओं में तीन महिला कार्यकर्ता हैं जिनको पुरुष पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया गया। पुलिस द्वारा अभी तक यह जानकारी नहीं दी गयी है कि इन गिरफ़्तार कार्यकर्ताओं को कहाँ रखा गया है और यह गिरफ़्तारी किस आरोप और किन धाराओं में हुई है। ग़ौरतलब है कि पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के नोएडा समेत देश के विभिन्न मज़दूर इलाक़ों में मज़दूर आन्दोलनरत है। मज़दूरों की न्यायसंगत माँगों के पक्ष में उनके साथ खड़े होने वाले मज़दूर कार्यकर्ताओं का उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दमन किया जा रहा है।
वास्तव में उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में मज़दूर आबादी अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर है। गैस के संकट ने इस स्थिति को और बदतर बना दिया है। ये संघर्षरत मज़दूर अपने वेतन में वृद्धि करने, ओवरटाइम का सही भुगतान करने जैसी बहुत बुनियादी माँगों को लेकर आन्दोलन कर रहे थे लेकिन मज़दूरों की सुनवाई करने की बजाय उत्तर प्रदेश सरकार इस आन्दोलन के दमन में जुट गयी और मज़दूरों के संघर्ष का समर्थन करने वाले कार्यकर्ताओं की अवैध गिरफ़्तारी करवा रही है।
प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपकर इन मज़दूर कार्यकर्ताओं को तुरन्त रिहा करने, मज़दूर आन्दोलन का दमन बन्द करने और मज़दूरों की माँगों को पूरा करने की माँग की गयी।
 

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