अनुज लुगुन
नमस्कार साथी ! मैं नियमित रूप से ‘मज़दूर बिगुल’ पढ़ता हूँ। यह पत्रिका हर अंक में वर्तमान समाज और सत्ता के वास्तविक चरित्र को प्रतिबद्धता के साथ प्रस्तुत करती है। आज जब मुख्यधारा की मीडिया पर धनपशुओं का कब्ज़ा हो ऐसे समय में आम जनता की आवाज का कुचला जाना आम बात है। ‘बिगुल’ ऐसे जनविरोधी तंत्र के प्रतिपक्ष में खड़े होकर जनहित की लड़ाई में शामिल है , यह हमारे लिए उम्मीद की बात है।
बिगुल के साथियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ।
मज़दूर बिगुल, जून 2016













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