चार लेबर कोड रद्द करो!
काला क़ानून वापस लो!!

बिगुल मज़दूर दस्ता की ओर से आज इलाहाबाद में अल्लापुर लेबर चौराहे पर अभियान चलाया गया। इस दौरान लेबर कोड की असलियत को उजागर करते हुए बात रखी गयी और पर्चे वितरित किये गये। बिगुल के कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए मज़दूरों ने बताया कि इलाहाबाद में काम करने के लिए मज़दूर 30-35 किलोमीटर दूर से आते हैं। कभी काम मिलता है तो कभी निराश होकर वापस जाना पड़ता है। अक्सर मालिक 8 घण्टे से ज्यादा काम करवाते हैं और मज़दूरी में कटौती करने से बाज नहीं आते हैं। जितना पैसा मिलता है इतने में खाना-पीना भी सही से नहीं हो पाता है।
बिगुल के कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारी इस स्थिति की जिम्मेदार मुनाफ़े पर टिकी पूॅंजीवादी व्यवस्था है जो मज़दूरों को इंसान समझती ही नहीं है। इसी के सन्दर्भ में मौजूदा सरकार मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड लेकर आयी है जिसमें न्यूनतम मजदूरी की जगह फ्लोर रेट की बात की गयी है। इन मुद्दों पर मज़दूरों को अगर प्रदर्शन करना है तो मालिक से 60 दिन पहले परमिशन लेना पड़ेगा ताकि पहले ही चिन्हित किया जा सके। यह मज़दूरों के ऊपर सबसे बड़ा हमला है। आज की ज़रूरत है कि इस काले क़ानून के विरोध में अनिश्चितकालीन आम हड़ताल के लिये कमर कस ली जाये।
 

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मज़दूरों के महान नेता लेनिन