शाहबाद डेरी ( दिल्ली ) के पाॅंच मन्दिर और अखाड़ा के इलाक़े में चलाया गया ‘बिगुल अख़बार’ का प्रचार अभियान

“बुर्जुआ अख़बार पूॅंजी की विशाल राशियों के दम पर चलते हैं। मज़दूरों के अख़बार ख़ुद मज़दूरों द्वारा इकट्ठा किये गये पैसे से चलते हैं।” – लेनिन शाहबाद डेरी ( दिल्ली ) के पाॅंच मन्दिर और अखाड़ा के इलाक़े में चलाया गया ‘बिगुल अख़बार’ का प्रचार अभियान। 20 और 22 अगस्त को बिगुल मज़दूर दस्ता की ओर से घर-घर जाकर बिगुल अख़बार का प्रचार अभियान चलाया गया। लोगों को बिगुल अख़बार के उद्देश्य से परिचित कराया गया। जनता की अपनी मीडिया की ज़रूरत पर बात की गयी। लोगों को बताया गया कि अख़बार का मक़सद मेहनतकश वर्ग को आर्थिक – राजनीतिक मुद्दों के प्रति जागरूक करना है। मज़दूर बिगुल एक ऐसा अख़बार है जो मेहनतकश की आवाज़ को बुलन्द करता है। अभियान के दौरान लोगों ने एक क्रान्तिकारी अख़बार की ज़रूरत पर सहमति जतायी। अख़बार लिया और अपना सम्पर्क नम्बर भी साझा किया।

 

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Lenin 1बुर्जुआ अख़बार पूँजी की विशाल राशियों के दम पर चलते हैं। मज़दूरों के अख़बार ख़ुद मज़दूरों द्वारा इकट्ठा किये गये पैसे से चलते हैं।

मज़दूरों के महान नेता लेनिन